होटलों और रजिस्टरों की हो रही है सघन जांच
साउथ दिल्ली और पहाड़गंज के कई होटलों में पुलिसकर्मियों के पहुंचने और लॉग बुक या गे스트 लिस्ट की जांच करने के मामले सामने आए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कवायद इस बात की पुष्टि करने के लिए की जा रही है कि दिल्ली आने वाले लोग कहीं विरोध प्रदर्शन का हिस्सा तो नहीं हैं। जांच के दौरान पुलिस खासतौर पर उन बुकिंग्स पर नजर रख रही है जो 8 से 11 अक्टूबर के बीच की हैं या जिनमें बड़े ग्रुप शामिल हैं।

होटलों में ठहरे मेहमानों की उम्र, उनके दिल्ली आने का मकसद और पहचान पत्र की प्रामाणिकता की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य के नाम पर कमरा बुक कर ठहरा हुआ पाया जाता है, तो होटल स्टाफ और संबंधित व्यक्ति दोनों से पूछताछ की जा रही है। विशेष इकाइयों जैसे क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल को यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की मौजूदगी का पता लगाने का भी निर्देश दिया गया है।

ट्रेनों, बसों और स्टेशनों पर भी बढ़ाई गई निगरानी
केवल होटलों तक ही सीमित न रहते हुए, पुलिस ने दिल्ली आने वाले परिवहन के साधनों जैसे ट्रेन, बस और एयरपोर्ट पर भी सर्विलांस बढ़ा दिया है। मध्य प्रदेश के भोपाल में रेलवे पुलिस ने गोवा एक्सप्रेस से दिल्ली आ रहे 21 लोगों को हिरासत में लिया है, जो कथित तौर पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। जीआरपी इटारसी टाउन इंस्पेक्टर संजय चौकसे ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि इन लोगों के जरिए शांति भंग होने की आशंका की सूचना मिली थी।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे किसी को अनावश्यक रूप से परेशान या हिरासत में नहीं ले रहे हैं, बल्कि इनपुट्स के आधार पर केवल यह पुष्टि की जा रही है कि दिल्ली पहुंचने वाले लोग कानून व्यवस्था को खतरे में न डालें। बस ऑपरेटरों और लंबी दूरी की यात्राओं के लिए हो रही बुकिंग्स पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।





