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बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी और प्रशांत किशोर को चुनौती दे रहा ग्रेजुएट ऑटो ड्राइवर नवीन तिवारी

| Published: | Updated:
बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी और प्रशांत किशोर को चुनौती दे रहा ग्रेजुएट ऑटो ड्राइवर नवीन तिवारी
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मुख्य बातें

  • बिहार की राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।
  • इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जन सुराज जैसी बड़ी पार्टियों के साथ-साथ कई निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपना नामांकन दाखिल किया है।
  • लेकिन इस चुनावी दंगल में सबसे ज्यादा चर्चा एक ऐसे उम्मीदवार की हो रही है जो पेशे से ऑटो ड्राइवर है।
  • सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे नवीन तिवारी सीधे तौर पर भाजपा और प्रशांत किशोर जैसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दे रहे हैं।

बिहार की राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जन सुराज जैसी बड़ी पार्टियों के साथ-साथ कई निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपना नामांकन दाखिल किया है। लेकिन इस चुनावी दंगल में सबसे ज्यादा चर्चा एक ऐसे उम्मीदवार की हो रही है जो पेशे से ऑटो ड्राइवर है। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे नवीन तिवारी सीधे तौर पर भाजपा और प्रशांत किशोर जैसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दे रहे हैं। उनका कहना है कि बांकीपुर की यह सीट किसी की बपौती या जागीर नहीं है।

ग्रेजुएट ऑटो ड्राइवर नवीन तिवारी का संघर्ष और राजनीतिक सफर

नवीन तिवारी ने स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी की है, लेकिन नौकरी न मिलने के कारण वह पिछले 15 वर्षों से ऑटो चलाकर अपनी जीविका चला रहे हैं। वह प्रतिदिन ऑटो चलाकर 1000 से 1500 रुपये तक कमा लेते हैं, जिससे उनके दो बच्चों और परिवार का भरण-पोषण होता है। नवीन तिवारी केवल एक ऑटो चालक ही नहीं हैं, बल्कि वह ऑटो यूनियन के नेता भी हैं।

राजनीति में आने के अपने फैसले पर बात करते हुए नवीन तिवारी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही समाज सेवा और राजनीति का शौक था। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) में शामिल होने के बाद जब पार्टी के भीतर पटना जिले के सदस्यों के बीच गुप्त मतदान (इंटरनल वोटिंग) कराया गया, तो उन्हें सबसे अधिक 270 वोट मिले। इसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पार्टी ने उन्हें बांकीपुर उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। हालांकि, उनके इस फैसले से उनके घरवाले काफी नाराज हैं, लेकिन राजनीति में उतरने की उनकी आंतरिक इच्छा ने उन्हें पीछे हटने नहीं दिया।

अनोखा चुनाव प्रचार और मुख्य चुनावी मुद्दे

नवीन तिवारी का चुनाव प्रचार करने का तरीका भी बेहद अनोखा है। वह रोज अपना ऑटो चलाते हैं, जिससे उनकी कमाई भी हो जाती है और इसी दौरान वह यात्रियों और स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनते हैं। इन समस्याओं को वह अपनी एक डायरी में नोट करते जाते हैं। उनके इस अभियान में उनके साथी ऑटो ड्राइवर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। नवीन के समर्थन में कई ऑटो चालक अपनी गाड़ियां लेकर प्रचार के लिए पहुंच जाते हैं और इसके लिए वे कोई पैसा भी नहीं लेते हैं।

बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी और प्रशांत किशोर को चुनौती दे रहा ग्रेजुएट ऑटो ड्राइवर नवीन तिवारी

नवीन तिवारी ने इस उपचुनाव के लिए तीन मुख्य मुद्दों को अपनी रणनीति का हिस्सा बनाया है:

  • शिक्षा: सरकार सभी बच्चों को उच्च शिक्षा पूरी तरह से मुफ्त प्रदान करे।
  • स्वास्थ्य: क्षेत्र में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित हों।
  • सुरक्षा: आम जनता को दिन-रात कहीं भी आने-जाने में सुरक्षा को लेकर कोई डर न हो।

प्रतिद्वंद्वियों पर तीखा हमला

नवीन तिवारी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर कड़ा प्रहार किया है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने उन्हें 40 साल दिए हैं, लेकिन उन्होंने लोकतंत्र को राजतंत्र बना दिया है और वे केवल जुमलेबाजी करते हैं। उन्होंने कहा कि अब जनता उनकी असलियत समझ चुकी है।

वहीं जन सुराज के प्रशांत किशोर पर हमला बोलते हुए नवीन ने कहा कि पहली बार में प्रशांत किशोर एक भी सीट नहीं जीत पाए और अब खुद मैदान में उतरे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रशांत किशोर इस बार भी मैदान छोड़कर भाग जाएंगे और उन्हें टक्कर नहीं दे पाएंगे।

बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी और प्रशांत किशोर को चुनौती दे रहा ग्रेजुएट ऑटो ड्राइवर नवीन तिवारी

बांकीपुर सीट का मतदाता समीकरण

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में कुल 3,79,402 मतदाता उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीट पर मतदाताओं का गणित इस प्रकार है:

  • कुल मतदाता: 3,79,402
  • पुरुष मतदाता: 2,00,589 (लगभग 53 प्रतिशत)
  • महिला मतदाता: 1,78,794 (लगभग 47 प्रतिशत)
  • थर्ड जेंडर मतदाता: 19

इस सीट पर पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच लगभग 6 प्रतिशत का अंतर है।

प्रमुख दलों के लिए साख की लड़ाई

बांकीपुर का यह उपचुनाव सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है:

बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी और प्रशांत किशोर को चुनौती दे रहा ग्रेजुएट ऑटो ड्राइवर नवीन तिवारी
  • भाजपा के लिए प्रतिष्ठा: यह सीट भाजपा के लिए शहरी क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। उम्मीदवार बदलने के बाद पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच नए सिरे से तालमेल बिठाना होगा।
  • प्रशांत किशोर के लिए परीक्षा: जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर पहली बार खुद चुनावी मैदान में सक्रिय हैं। उनके लिए यह चुनाव उनके संगठन की जमीनी ताकत को साबित करने का एक बड़ा अवसर है।
  • राजद के लिए विस्तार: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) इस उपचुनाव को शहरी मतदाताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रहा है।
  • वीणा मानवी की पहचान: तेजप्रताप यादव की पार्टी से चुनावी मैदान में उतरीं वीणा मानवी के लिए यह चुनाव खुद को स्थापित करने और अपनी पहचान बनाने का एक बड़ा जरिया बन रहा है।

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