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सासाराम के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के 6 ठिकानों पर EOU की रेड, 1.19 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का खुलासा

By | Published: 30 Jul 2026, 04:22 PM
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सासाराम के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के 6 ठिकानों पर EOU की रेड, 1.19 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का खुलासा
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मुख्य बातें

  • बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने रोहतास जिले के सासाराम में पदस्थापित लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अ...
  • आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों के तहत आर्थिक अपराध इकाई की टीमों ने गुरुवार सुबह एक साथ अभियंता से जुड़े छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की।
  • इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से प्रशासनिक और विभागीय गलियारों में हड़कंप का माहौल बना हुआ है।85.05 प्रतिशत अधिक पाई गई अवैध संपत्ति, दर्ज हुआ मामलाआर्थिक अपराध इकाई द्...
  • जांच के दौरान प्राथमिक रूप से यह तथ्य सामने आया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ज्ञात और वैध आय के स्रोतों की तुलना में अत्यधिक संपत्ति हासिल की है।प्राथमिक जांच मे...

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने रोहतास जिले के सासाराम में पदस्थापित लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों के तहत आर्थिक अपराध इकाई की टीमों ने गुरुवार सुबह एक साथ अभियंता से जुड़े छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से प्रशासनिक और विभागीय गलियारों में हड़कंप का माहौल बना हुआ है।

85.05 प्रतिशत अधिक पाई गई अवैध संपत्ति, दर्ज हुआ मामला

आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के खिलाफ विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन कराया गया था। जांच के दौरान प्राथमिक रूप से यह तथ्य सामने आया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ज्ञात और वैध आय के स्रोतों की तुलना में अत्यधिक संपत्ति हासिल की है।

प्राथमिक जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, अभियुक्त अभियंता ने अपनी वैध आय से 1 करोड़ 19 लाख 98 हजार 534 रुपये (लगभग 1.19 करोड़ रुपये) से अधिक की संपत्ति अर्जित की है। यह संपत्ति उनकी वैध आय के मुकाबले लगभग 85.05 प्रतिशत अधिक पाई गई है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

यह मामला EOU थाना कांड संख्या-15/26, दिनांक 29 जुलाई 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत दर्ज किया गया है। दर्ज मामले के आधार पर पटना स्थित विशेष न्यायालय निगरानी से नियमानुसार तलाशी अधिपत्र (सर्च वारंट) हासिल किया गया, जिसके बाद इस व्यापक तलाशी अभियान की शुरुआत की गई।


डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में छह ठिकानों पर एक साथ रेड

आर्थिक अपराध इकाई ने इस पूरी कार्रवाई के लिए विशेष टीमों का गठन किया, जिनका नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारियों को सौंपा गया है। गुरुवार की सुबह सभी टीमों ने एक साथ निर्धारित ठिकानों पर दस्तक दी। छापेमारी के दौरान जिन छह प्रमुख स्थानों की तलाशी ली जा रही है, उनका विवरण इस प्रकार है:

  • पटना (दानापुर): आदमपुर स्थित वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट के चतुर्थ टावर में स्थित फ्लैट नंबर-405।
  • पटना (दानापुर): आशोपुर स्थित वीनस इम्पायर का फ्लैट नंबर-1301, यूनिट-01।
  • मुजफ्फरपुर: महामाया स्थान स्थित मकान नंबर-66, जो कार्यपालक अभियंता का ससुराल बताया गया है।
  • सासाराम: लघु सिंचाई प्रमंडल स्थित कार्यपालक अभियंता का कार्यालय।
  • डेहरी ऑन सोन: कार्यपालक अभियंता का सरकारी आवास।
  • बांका जिला: रजौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पीपराडीह स्थित उनका पैतृक मकान।


दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड्स की गहन पड़ताल जारी

छापेमारी में शामिल EOU की अलग-अलग टीमें सभी स्थानों पर मौजूद वित्तीय दस्तावेजों, अचल एवं चल संपत्ति से जुड़े कागजातों, बैंक खातों, निवेश संबंधी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण फाइलों को खंगाल रही हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कथित अवैध संपत्ति किन-किन माध्यमों के जरिए अर्जित की गई और इस पूरी प्रक्रिया में अन्य किन लोगों की भूमिका रही है।

अधिकारियों के अनुसार, सभी छह ठिकानों पर तलाशी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बरामद नकद, आभूषण, बेनामी संपत्तियों के कागजात और अन्य दस्तावेजों का अंतिम ब्योरा आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किया जाएगा।


विभागों में हड़कंप, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का संदेश

लघु सिंचाई विभाग के इतने वरिष्ठ अधिकारी के ठिकानों पर EOU की इस बड़ी कार्रवाई से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। बिहार में पिछले कुछ समय से आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई लगातार अभियान चला रही है। EOU का स्पष्ट कहना है कि सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति बनाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच और दंडात्मक कार्रवाई की यह प्रक्रिया आगे भी बिना किसी ढिलाई के जारी रहेगी। फिलहाल, अरविन्द कुमार चौधरी के सभी ठिकानों पर तलाशी जारी है।

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