मेरठ (खबर डोज़ ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में निचली अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके सहयोगी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। अदालत ने माना कि दोनों ने न सिर्फ हत्या की, बल्कि साक्ष्यों को मिटाने का भी गंभीर अपराध किया है। इस सनसनीखेज मामले में अब 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन और पीड़ित परिवार की निगाहें टिकी हुई हैं।
सरकारी पक्ष के अनुसार, दोनों आरोपी मानसिक रूप से इस बात से वाकिफ थे कि उनके द्वारा किए गए अपराध के लिए उन्हें कड़ी सजा मिलनी तय है। अदालत की कार्यवाही के दौरान जब जज ने दोनों से पूछा कि उन्हें सजा कम क्यों दी जानी चाहिए, तो मुस्कान और साहिल ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। अभियोजन पक्ष और पीड़ित परिवार के वकील विजय बहादुर ने अदालत के समक्ष दावा किया था कि इस हत्याकांड की साजिश बहुत पहले से रची गई थी और इसे सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था।

साजिश और नीले ड्रम में छिपाया गया शव
जांच और वकीलों के बयानों के मुताबिक, मृतक सौरभ 24 फरवरी 2025 को लंदन से वापस लौटा था। इसके बाद तीन तारीख को वह अपनी मां के घर से खाना लेकर आया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या से पहले सौरभ को बेहोश करने के लिए नशीला पदार्थ दिए जाने की भी तैयारी की गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों ने मिलकर सौरभ के शव के कई टुकड़े किए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट का घोल डाल दिया था ताकि बदबू न फैले और सुराग छिप जाएं।

- मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत ने हत्या और सबूत छिपाने का दोषी माना।
- मृतक सौरभ 24 फरवरी 2025 को लंदन से अपने घर वापस आया था।
- अभियोजन पक्ष के अनुसार हत्या से पहले सौरभ को बेहोश करने की दवा का इस्तेमाल किया गया था।
- कोर्ट ने सजा पर सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की है।
फैसला आने के बाद सौरभ की बुआ ने मीडिया से बातचीत करते हुए दोनों दोषियों के लिए अदालत से फांसी की सजा की मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस जघन्य अपराध ने समाज को झकझोर कर रख दिया है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। अदालत के आदेश के बाद अब आगामी 14 अक्टूबर को तय किया जाएगा कि दोनों दोषियों को क्या सजा दी जाएगी।





