खबर डोज़ ब्यूरो। हाल ही में सामने आई एक हेल्थ रिसर्च के अनुसार, शराब पीने के मामले में पुरुषों और महिलाओं के शरीर पर पड़ने वाला असर काफी अलग होता है। शोध में खुलासा हुआ है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को शराब पीने से अधिक शारीरिक नुकसान उठाना पड़ता है। दोनों की शारीरिक बनावट और आंतरिक प्रणाली में अंतर होने के कारण महिलाओं के स्वास्थ्य पर इसका बेहद घातक प्रभाव पड़ता है।
शारीरिक बनावट और एंजाइम का अंतर
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुल वयस्क आबादी का लगभग 20 प्रतिशत पुरुष भारी मात्रा में शराब पीते हैं और उन्हें लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। इसके विपरीत, केवल 6 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं, लेकिन उन्हें पुरुषों की तुलना में अधिक गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है। वैज्ञानिकों का पता चला है कि महिलाएं 'अल्कोहल डिहाइड्रोजनेज' यानी ADH नामक एंजाइम का उत्पादन कम मात्रा में करती हैं। यह एंजाइम लिवर में रिलीज होता है और शरीर में पहुंचने वाले अल्कोहल को तोड़ने का काम करता है।

एंजाइम की मात्रा कम होने के कारण महिलाओं के रक्त में अल्कोहल का स्तर पुरुषों के समान मात्रा में पीने के बावजूद तेजी से और ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा, महिलाएं इथेनॉल चयापचय उत्पाद एसीटैल्डिहाइड-प्रेरित कार्डियक समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती हैं। लंबे समय तक शराब का सेवन करने वाली महिलाओं को कम उम्र में ही दिल की बीमारियां, लिवर से जुड़ी समस्याएं और मानसिक बीमारियां जकड़ सकती हैं।
प्रेग्नेंसी में शराब सेवन के गंभीर परिणाम
गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन करना मां और होने वाले बच्चे दोनों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। गर्भवती महिला द्वारा शराब पीने पर यह खून के जरिए गर्भनाल तक पहुंच जाती है, जिससे गर्भपात, मृत जन्म और समय से पहले बच्चे का जन्म जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा नवजात शिशु में फीटल अल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर यानी FASD का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
- शिशु के चेहरे की बनावट में असामान्यताएं जैसे नाक और ऊपरी होंठ के बीच चिकनी रिज होना।
- औसत से छोटा सिर का आकार और शरीर का कम वजन।
- याददाश्त कमजोर होना और स्कूल जाने की उम्र में पढ़ाई या गणित में कठिनाई आना।
- सीखने की अक्षमता, भाषा में देरी और बौद्धिक विकलांगता।
- हृदय, गुर्दे या हड्डियों से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के शरीर में फैट की मात्रा और आंतरिक मेटाबॉलिज्म पुरुषों से भिन्न होता है, जिस वजह से अल्कोहल उनके शरीर पर ज्यादा लंबे समय तक नकारात्मक प्रभाव छोड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या गंभीर स्थिति से बचने के लिए शराब के सेवन से पूरी तरह दूर रहना चाहिए और यदि कोई दिक्कत हो तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।





