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बिहार में 34 लाख LPG कनेक्शन ब्लॉक, दो करोड़ लोगों की रसोई पर संकट

| Published: | Updated:
बिहार में 34 लाख LPG कनेक्शन ब्लॉक, दो करोड़ लोगों की रसोई पर संकट
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मुख्य बातें

  • पटना (खबर डोज़ ब्यूरो) बिहार में लाखों परिवारों की रसोई पर अचानक बड़ा संकट गहरा गया है।
  • ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराने वाले 34 लाख एलपीजी (LPG) कनेक्शनों को ऑटो-लॉक कर दिया गया है।
  • गैस कंपनियों द्वारा तय की गई 30 सितंबर की समय-सीमा समाप्त होने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई है, जिससे एक अक्टूबर के बाद से प्रभावित परिवारों को घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
  • इस प्रशासनिक और तकनीकी कार्रवाई की वजह से राज्यभर के करीब दो करोड़ लोगों की रसोई सीधे तौर पर प्रभावित हुई है।

पटना (खबर डोज़ ब्यूरो) बिहार में लाखों परिवारों की रसोई पर अचानक बड़ा संकट गहरा गया है। ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराने वाले 34 लाख एलपीजी (LPG) कनेक्शनों को ऑटो-लॉक कर दिया गया है। गैस कंपनियों द्वारा तय की गई 30 सितंबर की समय-सीमा समाप्त होने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई है, जिससे एक अक्टूबर के बाद से प्रभावित परिवारों को घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस प्रशासनिक और तकनीकी कार्रवाई की वजह से राज्यभर के करीब दो करोड़ लोगों की रसोई सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। त्योहारों के इस सीजन से ठीक पहले कनेक्शन ब्लॉक होने के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी काफी बढ़ गई है। कई परिवारों को खाना पकाने के लिए लकड़ी, कोयला या अन्य वैकल्पिक ईंधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोग मजबूरन महंगे दामों पर गैस का इंतजाम कर रहे हैं।

बिहार में 34 लाख LPG कनेक्शन ब्लॉक, दो करोड़ लोगों की रसोई पर संकट

कुल कनेक्शन और ऑटो-लॉक का आंकड़ा

आधिकारिक जानकारियों के अनुसार, बिहार में कुल एलपीजी कनेक्शनों की संख्या लगभग 2 करोड़ 28 लाख है। इनमें से करीब 1 करोड़ 94 लाख उपभोक्ताओं ने समय रहते अपना ई-केवाईसी पूरा करा लिया था। हालांकि, लगभग 34 लाख उपभोक्ता बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराने में असफल रहे।

  • बिहार में कुल एलपीजी कनेक्शन: 2.28 करोड़
  • सफल ई-केवाईसी वाले उपभोक्ता: 1.94 करोड़
  • ऑटो-लॉक किए गए कनेक्शन: 34 लाख
  • प्रभावित आबादी: लगभग 2 करोड़

बिहार में 34 लाख LPG कनेक्शन ब्लॉक, दो करोड़ लोगों की रसोई पर संकट

कनेक्शन ब्लॉक होने के बाद घरेलू गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग पूरी तरह ठप हो गई है। प्रभावित उपभोक्ताओं के पास हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडर बुक करने का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसकी कीमतें घरेलू सिलेंडर की तुलना में काफी अधिक होती हैं। ऐसे में कॉमर्शियल सिलेंडर खरीदना आम परिवारों के मासिक बजट पर भारी पड़ सकता है।

बिहार में 34 लाख LPG कनेक्शन ब्लॉक, दो करोड़ लोगों की रसोई पर संकट

कैसे चालू होगा ब्लॉक एलपीजी कनेक्शन?

गैस कंपनियों और संबंधित एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन ई-केवाईसी न होने के कारण ऑटो-लॉक हुए हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ताओं को अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा।

इसके अलावा, कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। एजेंसी या ऐप के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, संबंधित गैस कनेक्शन को दोबारा सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। सत्यापन पूरा होने के सामान्यतः 24 से 48 घंटे के भीतर ऑटो-लॉक हुआ एलपीजी कनेक्शन फिर से चालू हो जाता है। गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिना देरी किए अपना सत्यापन पूरा करवा लें ताकि आगामी त्योहारों के दौरान रसोई गैस की किल्लत से बचा जा सके।

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