Breaking
BIHAR

Bihar Homestay Scheme: बिहार के 16 जिलों में खाली घरों से कमाई का मौका, सरकार देगी प्रति कमरा 2.5 लाख रुपये की सहायता

By | Published: 12 Jul 2026, 09:59 PM
👁 117 views
Bihar Homestay Scheme: बिहार के 16 जिलों में खाली घरों से कमाई का मौका, सरकार देगी प्रति कमरा 2.5 लाख रुपये की सहायता
Share:

मुख्य बातें

  • बिहार में पर्यटन को एक नई दिशा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।
  • सरकार द्वारा पहली बार 'मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना' (CM Homestay Scheme) की शुरुआत की गई है।
  • इस योजना के तहत राज्य के 16 जिलों में स्थित 34 प्रमुख पर्यटन स्थलों का चयन किया गया है।
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को होटलों के बजाय स्थानीय बिहारी परिवारों के घरों में ठहरने का विकल्प देना है, जिससे वे बिहार की समृद्ध संस्क...

बिहार में पर्यटन को एक नई दिशा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार द्वारा पहली बार 'मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना' (CM Homestay Scheme) की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत राज्य के 16 जिलों में स्थित 34 प्रमुख पर्यटन स्थलों का चयन किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को होटलों के बजाय स्थानीय बिहारी परिवारों के घरों में ठहरने का विकल्प देना है, जिससे वे बिहार की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक खानपान और आत्मीय आतिथ्य का सीधा अनुभव कर सकें।


योजना के मुख्य नियम और शर्तें

मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के तहत कुछ महत्वपूर्ण शर्तें तय की गई हैं ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। योजना के अनुसार, होमस्टे इकाई का संबंधित चयनित पर्यटन स्थल से अधिकतम 5 किलोमीटर के दायरे में होना अनिवार्य है। इस दूरी की सीमा से पर्यटक आसानी से पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे और स्थानीय परिवेश का पूरा आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, इस योजना के तहत एक होमस्टे में अधिकतम आठ कमरों को ही स्वीकृति दी जाएगी।


वित्तीय सहायता और विशेष प्रोत्साहन

इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण और आकर्षक पहलू इसके तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता है। सरकार प्रत्येक कमरे के निर्माण या सुधार के लिए 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। यह सहायता राशि अधिकतम 10 लाख रुपये तक हो सकती है।

इसके साथ ही, समाज के विभिन्न वर्गों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं:

  • महिलाएं और युवा: महिला उद्यमियों और 18 से 25 वर्ष के युवाओं को प्रति कमरा 25 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी, जो अधिकतम 1 लाख रुपये तक होगी।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG): स्वयं सहायता समूहों को भी इसी तर्ज पर प्रति कमरा 25 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता (अधिकतम 1 लाख रुपये तक) प्रदान की जाएगी।


5 वर्षों में 1000 कमरों का लक्ष्य

पर्यटन विभाग ने इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में कुल एक हजार कमरों के निबंधन (रजिस्ट्रेशन) का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभाग का मानना है कि पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों को देखने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पर्यटकों को स्थानीय लोगों के जीवन, उनकी संस्कृति और आतिथ्य सत्कार से जुड़ने का अवसर मिलना चाहिए। इससे बिहार की सांस्कृतिक विरासत वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत होगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय कारीगरों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सीधा लाभ पहुंचेगा। विभाग द्वारा जल्द ही इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


चयनित जिले और उनके प्रमुख पर्यटन स्थल

योजना के तहत चयनित किए गए जिलों और उनके अंतर्गत आने वाले धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की सूची इस प्रकार है:

  • गया जी: बोधगया महाबोधि मंदिर, विष्णुपद मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर, प्रेत शिला एवं गुरूपा हिल
  • नालंदा: नालंदा महाविहार भग्नावशेष, पवापुरी का जल मंदिर, राजगीर रोपवे, राजगीर जू सफारी, नेचर सफारी एवं राजगीर कुंड
  • वैशाली: विश्वशांति स्तूप
  • कैमूर: मुंडेश्वरी मंदिर परिसर
  • पूर्वी चंपारण: केसरिया स्तूप एवं सीता कुंड
  • रोहतास: शेरशाह सूरी का मकबरा, मांझर कुंड एवं धुआं कुंड
  • पश्चिम चंपारण: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व एवं गांधी आश्रम भितिहरवा
  • जहानावद: बराबर गुफाएं
  • नवादा: ककोलत जलप्रपात
  • बांका: मंदार पर्वत एवं ओढ़नी डैम
  • मुजफ्फरपुर: मनिकामन झील एवं गरीबनाथ धाम
  • मुंगेर: भीमबांध वन्य अभयारण्य
  • सीतामढ़ी: पुनौरा धाम एवं पंथ पाकड़
  • जमुई: लछुआर जैन मंदिर एवं नई नकटी डैम
  • औरंगाबाद: देव सूर्य मंदिर

Read This Also