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BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा बंद होने के वायरल दावों की सच्चाई क्या है?

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BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा बंद होने के वायरल दावों की सच्चाई क्या है?
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मुख्य बातें

  • सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि एक मोबाइल ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को बंद किया जा सकता है।
  • इस ऐप का नाम BAT-BMS बताया जा रहा है, जिसे लेकर वाहन चालकों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है।
  • वायरल वीडियो में दिखाया जा रहा है कि एक व्यक्ति अपने मोबाइल में इस ऐप को खोलकर ई-रिक्शा की बैटरी को नियंत्रित करता है, जिससे वाहन चलना बंद हो जाता है।
  • आइए जानते हैं कि इस तकनीक और वायरल दावों के पीछे की असलियत क्या है।

सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि एक मोबाइल ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को बंद किया जा सकता है। इस ऐप का नाम BAT-BMS बताया जा रहा है, जिसे लेकर वाहन चालकों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है।

वायरल वीडियो में दिखाया जा रहा है कि एक व्यक्ति अपने मोबाइल में इस ऐप को खोलकर ई-रिक्शा की बैटरी को नियंत्रित करता है, जिससे वाहन चलना बंद हो जाता है। आइए जानते हैं कि इस तकनीक और वायरल दावों के पीछे की असलियत क्या है।

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा बंद होने के वायरल दावों की सच्चाई क्या है?

BAT-BMS ऐप क्या है और कैसे काम करता है?

वास्तव में BAT-BMS कोई नया या जादुई ऐप नहीं है, बल्कि यह एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी BMS को मॉनिटर और कंट्रोल करने वाला एप्लिकेशन है। इसका मुख्य इस्तेमाल लिथियम-आयन बैटरी की कार्यप्रणाली की जानकारी देखने के लिए किया जाता है।

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा बंद होने के वायरल दावों की सच्चाई क्या है?

बैटरी की निगरानी के लिए होता है उपयोग

इस ऐप की मदद से बैटरी का चार्ज कितना है, बैटरी की हेल्थ कैसी है, वोल्टेज कितना है, करंट कितना चल रहा है और बैटरी का तापमान कितना है जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां देखी जा सकती हैं। इसका उद्देश्य केवल बैटरी की निगरानी करना है ताकि वह सुरक्षित रहे और समय रहते किसी भी समस्या का पता लगाया जा सके।

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा बंद होने के वायरल दावों की सच्चाई क्या है?

हालांकि, विवाद की मुख्य वजह कुछ और है। दावों के अनुसार, कुछ ई-रिक्शा में ऐसे ब्लूटूथ वाले BMS लगे होते हैं जिनमें पासवर्ड या सुरक्षा ठीक से नहीं लगाई जाती है। ऐसी स्थिति में पास में मौजूद कोई अन्य व्यक्ति उस BMS से कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है और बैटरी की कुछ सेटिंग्स बदल सकता है।

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सुरक्षा को लेकर टेक एक्सपर्ट्स की चेतावनी

इस पूरे मामले पर कई टेक एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि किसी BMS में सुरक्षा कमजोर है, तो उसे तुरंत सुरक्षित बनाया जाना चाहिए क्योंकि ऐसी कमियों का गलत फायदा उठाया जा सकता है। ब्लूटूथ वाले BMS में मजबूत पासवर्ड का होना जरूरी है और निर्माता कंपनियों को भी सिस्टम की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए ताकि कोई अनजान व्यक्ति उससे कनेक्ट न हो सके।

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा बंद होने के वायरल दावों की सच्चाई क्या है?

फिलहाल यह साबित नहीं हुआ है कि सड़क पर चल रहे हर ई-रिक्शा को कोई भी व्यक्ति अपने फोन से आसानी से बंद कर सकता है, और यह दावा सभी वाहनों पर लागू नहीं होता है। ई-रिक्शा चालकों को घबराने के बजाय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी बैटरी के ब्लूटूथ BMS में उचित पासवर्ड लगा हो और किसी भी अनजान मोबाइल को अपनी बैटरी से कनेक्ट न होने दें। बिना आधिकारिक पुष्टि और पूरी जानकारी के किसी भी वायरल दावे पर आंख मूंदकर भरोसा करना सही नहीं है।

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा बंद होने के वायरल दावों की सच्चाई क्या है?

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