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मोबाइल रिचार्ज जल्द होंगे महंगे, अगले 4 से 5 महीनों में 15 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं कीमतें

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मोबाइल रिचार्ज जल्द होंगे महंगे, अगले 4 से 5 महीनों में 15 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं कीमतें
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मुख्य बातें

  • नई दिल्ली (खबर डोज़ ब्यूरो): देश के मोबाइल उपभोक्ताओं की जेब पर आने वाले दिनों में और बोझ बढ़ सकता है।
  • एक ताजा रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, अगले चार से पांच महीनों के भीतर देश में मोबाइल रिचार्ज प्लान 12 से 15 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं।
  • दूरसंचार उद्योग में कंपनियों की संख्या कम होने के कारण बाजार में मूल्य निर्धारण का माहौल कंपनियों के पक्ष में अधिक अनुकूल हो गया है, जिसका सीधा असर आम ग्राहकों के मासिक बजट पर पड़ना तय माना जा रहा है।
  • सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की ओर से जारी की गई इस रिपोर्ट में दूरसंचार क्षेत्र के वित्तीय पहलुओं और बाजार की मौजूदा स्थिति का गहराई से विश्लेषण किया गया है।

नई दिल्ली (खबर डोज़ ब्यूरो): देश के मोबाइल उपभोक्ताओं की जेब पर आने वाले दिनों में और बोझ बढ़ सकता है। एक ताजा रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, अगले चार से पांच महीनों के भीतर देश में मोबाइल रिचार्ज प्लान 12 से 15 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं। दूरसंचार उद्योग में कंपनियों की संख्या कम होने के कारण बाजार में मूल्य निर्धारण का माहौल कंपनियों के पक्ष में अधिक अनुकूल हो गया है, जिसका सीधा असर आम ग्राहकों के मासिक बजट पर पड़ना तय माना जा रहा है।

सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की ओर से जारी की गई इस रिपोर्ट में दूरसंचार क्षेत्र के वित्तीय पहलुओं और बाजार की मौजूदा स्थिति का गहराई से विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी यानी जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के दौरान देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों—भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड—के औसत राजस्व प्रति ग्राहक यानी एआरपीआई (ARPI) में 0.8 से 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

मोबाइल रिचार्ज जल्द होंगे महंगे, अगले 4 से 5 महीनों में 15 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं कीमतें

क्यों बढ़ रहा है कंपनियों का औसत राजस्व?

विश्लेषकों का मानना है कि यह वृद्धि कई तकनीकी और व्यावसायिक कारणों से हो रही है। ग्राहकों का लगातार पारंपरिक 2जी नेटवर्क से आधुनिक 4जी और 5जी सेवाओं की तरफ रुख करना इसकी मुख्य वजह है। इसके अलावा, कंपनियां लगातार अपने उपभोक्ता आधार को पोस्टपेड सेगमेंट में जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही, समीक्षाधीन तिमाही में दिनों की संख्या अधिक होने का फायदा भी टेलीकॉम कंपनियों के वित्तीय आंकड़ों को मिल रहा है।

  • दूरसंचार क्षेत्र में कंपनियों का दायरा घटने से दरों में बढ़ोतरी की गुंजाइश बढ़ी है।
  • ग्राहकों द्वारा 2जी से 4जी और 5जी नेटवर्क अपनाने की रफ्तार तेज हुई है।
  • प्रमुख कंपनियों द्वारा पोस्टपेड श्रेणी में नए ग्राहकों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

मोबाइल रिचार्ज जल्द होंगे महंगे, अगले 4 से 5 महीनों में 15 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं कीमतें

प्रमुख कंपनियों का बाजार विस्तार और 5जी कवरेज

रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान रिलायंस जियो ने सबसे ज्यादा करीब 80 लाख नए ग्राहक जोड़े हैं। वहीं, भारती एयरटेल ने लगभग 30 लाख और संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया ने इस दौरान करीब 10 लाख नए यूजर्स को अपने नेटवर्क से जोड़ने में सफलता हासिल की है।

नेटवर्क विस्तार के मोर्चे पर भी कंपनियां तेजी से काम कर रही हैं। रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने अपनी तेज रफ्तार 5जी सेवाओं के जरिए देश के 95 प्रतिशत से अधिक जिलों को कवर कर लिया है। दूसरी ओर, वोडाफोन आइडिया का 5जी नेटवर्क इस समय देश के लगभग 200 शहरों में सक्रिय है और कंपनी अपनी इस हाई-स्पीड सेवा के कवरेज क्षेत्र को लगातार बढ़ाने के लिए जरूरी निवेश कर रही है।

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