खबर डोज़ ब्यूरो। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज के शुरुआती चार मुकाबले बीत जाने के बावजूद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी तक भारतीय सरजमीं पर खेलने का मौका नहीं मिला है। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाने वाले इस युवा खिलाड़ी को लगातार प्लेइंग इलेवन से बाहर रखे जाने पर उनके कोच मनीष ओझा ने गहरी चिंता जताई है और कहा है कि एक गार्जियन होने के नाते उन्हें अपने शिष्य को बेंच पर बैठा देखकर दुख होता है।
प्रभात खबर डिजिटल को दिए गए एक इंटरव्यू में कोच मनीष ओझा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी खिलाड़ी मैदान पर उतरकर और अपना पोटेंशियल साबित करके ही महान बनता है। उन्होंने कहा कि वैभव ने आईपीएल, जिम्बाब्वे दौरे और एशियन गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, लेकिन इसके बावजूद उसे अपने मौके के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जो कि काफी पीड़ादायक है।
मैदान से बाहर बैठे वैभव को लेकर क्या बोले कोच?
कोच ओझा ने बताया कि जब भी उनकी वैभव से बात होती है, वे उसे सकारात्मक माइंडसेट में बनाए रखने की कोशिश करते हैं। कम उम्र के इस खिलाड़ी को बाहरी बातों पर ध्यान न देकर केवल अपनी बल्लेबाजी पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। टीम मैनेजमेंट द्वारा प्लेइंग इलेवन में चयन को लेकर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से टीम मैनेजमेंट का फैसला है, लेकिन एक कोच के तौर पर वह यही चाहते हैं कि वैभव को मैदान पर अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर मिले।

सुनील गावस्कर की सलाह को याद करते हुए मनीष ओझा ने साझा किया कि यदि 100 रन बनाने के बाद भी मौका न मिले, तो खिलाड़ी को 150, 200 और 250 रन बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने आगामी सत्र में वैभव के लिए एक हजार रन बनाने का लक्ष्य रखा है, ताकि उसे लगातार मौके मिल सकें।
- वैभव सूर्यवंशी ने करीब चार साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था।
- समस्तीपुर से पटना आकर उन्होंने जेनेक्स क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग ली।
- करीब 11 साल की उम्र में उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों के खिलाफ 118 रन की पारी खेली थी।
फिलहाल वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के शुरुआती चार मैच समाप्त हो चुके हैं और वैभव सूर्यवंशी के फैंस तथा उनके कोच को यह उम्मीद है कि जल्द ही चयनकर्ता उन्हें अंतिम ग्यारह में शामिल करेंगे। टीम मैनेजमेंट और चयन समिति के अगले फैसलों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।





