गया (खबर डोज़ ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने गयाजी दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। पितृपक्ष महासंगम के अवसर पर विष्णुपद मंदिर में पिंडदान और तर्पण करने पहुंचे मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ न सिर्फ दोबारा राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे, बल्कि सनातन समाज के आशीर्वाद से आने वाले समय में देश के प्रधानमंत्री पद तक भी पहुंचेंगे। उनके इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गुरुवार को उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के राज्य मंत्री डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने परिजनों की मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में कर्मकांड पूरा किया। पुरोहित मनोज पांडेय के आचार्यत्व में उन्होंने विधि-विधान से पिंडदान किया और पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने गयाजी में श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन और स्थानीय स्तर पर की गई व्यवस्थाओं की भी खुलकर सराहना की और कहा कि देश के कोने-कोने से लोग यहां अपनी श्रद्धा अर्पित करने पहुंच रहे हैं।

धार्मिक अनुष्ठान के बाद राजनीतिक बयानबाजी
धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद जब पत्रकारों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और आगामी संभावनाओं को लेकर सवाल किया, तो मंत्री राजेश्वर सिंह ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों और प्रशासनिक मॉडल से पूरी तरह संतुष्ट एवं प्रभावित है। जनता के इसी समर्थन के आधार पर उन्होंने दावा किया कि अगला विधानसभा चुनाव जीतने के बाद योगी आदित्यनाथ एक बार फिर प्रदेश की कमान संभालेंगे।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए राजेश्वर सिंह ने राष्ट्रीय राजनीति की संभावनाओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सनातन समाज के आशीर्वाद से योगी आदित्यनाथ भविष्य में देश के प्रधानमंत्री भी बनेंगे। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री पद को लेकर दिया गया यह बयान किसी संवैधानिक प्रक्रिया या पार्टी के आधिकारिक एजेंडे का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह मंत्री का व्यक्तिगत राजनीतिक आकलन और उनकी श्रद्धा का हिस्सा है।

गयाजी दौरे के राजनीतिक मायने
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी के सबसे कद्दावर और प्रमुख चेहरों में शुमार किए जाते हैं। उनके कामकाज और भविष्य के राजनीतिक सफर को लेकर अक्सर विभिन्न मंचों पर चर्चाएं होती रहती हैं। ऐसे में मंत्री स्तर के नेता द्वारा गयाजी जैसे धार्मिक स्थल से इस तरह का मुखर बयान आना इस बात की ओर इशारा करता है कि पार्टी के भीतर उनके समर्थकों के बीच उनकी छवि को लेकर किस तरह की भावनाएं हैं।

फिलहाल इस बयान को लेकर किसी भी अन्य वरिष्ठ नेता या दल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गयाजी में अपने पूर्वजों का पिंडदान करने पहुंचे मंत्री के इस बयान ने धार्मिक आयोजनों के बीच एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। यह बयान व्यक्तिगत राय के दायरे में है, लेकिन इसने आने वाले दिनों के लिए राजनीतिक चर्चाओं को जरूर नया आयाम दे दिया है।





