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प्रशांत किशोर वापस लेंगे अनुज सिंह का नाम? नीतीश को दी बड़ी चुनौती

| Published: | Updated:
प्रशांत किशोर वापस लेंगे अनुज सिंह का नाम? नीतीश को दी बड़ी चुनौती
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मुख्य बातें

  • बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव को लेकर राज्य की सियासत अचानक गरमा गई है।
  • जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार डॉ.
  • दिव्या ज्योति के नामांकन कार्यक्रम के दौरान जेडीयू प्रत्याशी और एमएलसी नीरज कुमार पर तीखा हमला बोला है।
  • उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीधे तौर पर नीतीश कुमार को भी एक अनोखी राजनीतिक चुनौती पेश की है।

पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव को लेकर राज्य की सियासत अचानक गरमा गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार डॉ. दिव्या ज्योति के नामांकन कार्यक्रम के दौरान जेडीयू प्रत्याशी और एमएलसी नीरज कुमार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीधे तौर पर नीतीश कुमार को भी एक अनोखी राजनीतिक चुनौती पेश की है।

प्रशांत किशोर ने जेडीयू नेता नीरज कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने लंबे राजनीतिक सफर के बाद भी वे शिक्षकों के हितों की रक्षा करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो जनप्रतिनिधि शिक्षकों को उनका वाजिब वेतनमान नहीं दिला सके और समाज में हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी साधे रहे, वे आज किस नैतिक आधार पर वोट मांग रहे हैं। जन सुराज ने इस चुनाव को शिक्षा, रोजगार और शिक्षकों के आत्मसम्मान की लड़ाई के रूप में पेश किया है, जिससे एनडीए खेमे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

प्रशांत किशोर वापस लेंगे अनुज सिंह का नाम? नीतीश को दी बड़ी चुनौती

नीतीश कुमार के नाम पर प्रशांत किशोर का बड़ा ऑफर

सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार को लेकर एक बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया। उन्होंने सार्वजनिक मंच से घोषणा की कि यदि नीतीश कुमार कैमरे के सामने आकर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थन में वोट की अपील करते हैं, तो जन सुराज पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना प्रत्याशी मैदान से हटा लेगा। इस खुली चुनौती ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है और हर किसी की नजरें अब जेडीयू के अगले रुख पर टिकी हैं।

  • शिक्षक और युवा वादे: जन सुराज ने वादा किया है कि पार्टी समर्थित सरकार आने पर शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें सातवां वेतनमान दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
  • रोजगार के दावे: पटना स्नातक क्षेत्र के अंतर्गत 10 हजार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार करने का दावा किया गया है।
  • राजनीतिक हालात: प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उनकी पार्टी में किसी तरह की भगदड़ नहीं है, बल्कि सत्ताधारी दल के भीतर ही असमंजस और बेचैनी का माहौल है।


आगामी विधान परिषद चुनावों के मद्देनजर यह मुकाबला अब केवल राजनीतिक दलों की टक्कर नहीं, बल्कि एक बड़े शक्ति परीक्षण का रूप ले चुका है। एक तरफ एनडीए अपनी पारंपरिक ताकत और उम्मीदवारों के साथ मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ जन सुराज आक्रामक रणनीति के तहत मतदाताओं के बीच पहुंच रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सत्ता पक्ष की ओर से इस चुनौती का क्या जवाब दिया जाता है और शिक्षक तथा स्नातक मतदाता किस करवट बैठते हैं।

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