पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पटना में आज एनडीए की सियासी ताकत का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला, जब पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार नवल किशोर यादव ने अपने समर्थकों की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। इन दोनों सीटों पर होने वाले मुकाबले को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और राज्य का चुनावी पारा चढ़ने लगा है।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान पटना की सड़कों पर राजनीतिक रंग और समर्थकों की भारी भीड़ नजर आई। पटना स्नातक सीट से मैदान में उतरे नीरज कुमार के नामांकन के समय जदयू के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री मौजूद रहे। इस मौके पर झारखंड के जमशेदपुर से जदयू विधायक सरयू राय भी पटना पहुंचे और उन्होंने नीरज कुमार की उम्मीदवारी का समर्थन किया। वहीं, बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कहा कि पार्टी पूरी एकजुटता के साथ यह चुनाव लड़ रही है और किसी भी आंतरिक मतभेद को पार्टी स्तर पर संभाल लिया जाएगा।
चुनावी समीकरण और राजनीतिक हलचल
इस बार पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। जदयू ने एक बार फिर नीरज कुमार पर भरोसा जताया है, जबकि उनके सामने जन सुराज की तरफ से अनुज कुमार सिंह और राजद से दिलीप कुमार भी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। इसके साथ ही, स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के बीच कुछ आंतरिक विरोध और बयानों ने भी चर्चाओं का बाजार गर्म कर रखा है, जिस पर एनडीए के नेता लगातार नजर बनाए हुए हैं और स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने अपने मौजूदा विधान पार्षद नवल किशोर यादव को फिर से उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने बिहार की आठ विधान परिषद सीटों में से कुल चार सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं, जिनमें नवल किशोर यादव के अलावा कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार और तिरहुत शिक्षक सीट से नरेंद्र प्रसाद सिंह शामिल हैं। वहीं, जदयू ने भी चार सीटों पर अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है।
मतदान और मतगणना की तारीखें
बिहार विधान परिषद की इन सभी आठ सीटों के लिए निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर को मतदान संपन्न कराया जाएगा। इसके ठीक बाद, 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी और परिणामों की घोषणा की जाएगी। आज के नामांकन और दोनों दलों के शक्ति प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि आगामी विधान परिषद चुनावों में राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा और चुनाव प्रचार का दौर अब और अधिक तेज होगा।





