Breaking
BIHAR

अनंत सिंह की जनसुराज में एंट्री? प्रशांत किशोर ने खोला राज!

| Published: | Updated:
अनंत सिंह की जनसुराज में एंट्री? प्रशांत किशोर ने खोला राज!
Share:

मुख्य बातें

  • बिहार विधान परिषद की सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह द्वारा जनसुराज प्रत्याशी को समर्थन दिए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है।
  • इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद जब जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर से अनंत सिंह के पार्टी में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थन देने वाले हर व्यक्ति का पार्टी में आना जरूरी नहीं है।
  • इस सियासी हलचल से सूबे के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
  • बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की ओर से जोड़-तोड़ और बयानबाजी तेज है।
पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार विधान परिषद की सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह द्वारा जनसुराज प्रत्याशी को समर्थन दिए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद जब जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर से अनंत सिंह के पार्टी में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थन देने वाले हर व्यक्ति का पार्टी में आना जरूरी नहीं है। इस सियासी हलचल से सूबे के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की ओर से जोड़-तोड़ और बयानबाजी तेज है। हाल ही में मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर मैदान में उतरने का ऐलान किया और नामांकन जुलूस में भी शामिल हुए। अनंत सिंह के इन बगावती तेवरों और कदमों ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है, जिससे सत्ताधारी दल की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।

प्रशांत किशोर ने क्या दी प्रतिक्रिया

जब पत्रकारों ने प्रशांत किशोर से सवाल किया कि क्या अनंत सिंह जनसुराज का दामन थामेंगे और क्या पार्टी चुनाव जीतने के लिए बाहुबली का सहारा ले रही है, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया। प्रशांत किशोर ने कहा कि हजारों लोग समर्थन दे रहे हैं, लेकिन हर समर्थक पार्टी में शामिल हो जाए, यह जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई आधिकारिक निर्णय या बात सामने आएगी, तो पार्टी उस पर विचार करेगी।

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि यदि किसी को सातवां वेतनमान चाहिए, वित्तरहित शिक्षकों को मान-सम्मान चाहिए या बेरोजगार युवाओं को रोजगार चाहिए, तो वे जनसुराज की विचारधारा से जुड़ सकते हैं। इसमें किसी बाहुबली या धर्मबली का कोई विशेष महत्व नहीं है। पार्टी पूरी तरह से अपनी नीतियों और जनता के समर्थन के दम पर आगे बढ़ रही है।

अनंत सिंह की जनसुराज में एंट्री? प्रशांत किशोर ने खोला राज!

जदयू के भीतर बढ़ी आंतरिक कलह

यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम जदयू के भीतर चल रही अंदरूनी कलह का परिणाम माना जा रहा है। मोकामा विधायक अनंत सिंह और विधान पार्षद नीरज कुमार के बीच चल रहा विवाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लाख प्रयासों के बाद भी सुलझ नहीं पाया है। विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ यह गतिरोध विधान परिषद चुनाव में खुलकर सामने आ गया है, जहां दोनों नेता एक-दूसरे के खिलाफ तीखे हमले कर रहे हैं। पार्टी स्तर पर इस मामले को शांत कराने के लिए केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन बात नहीं बन सकी।

अनंत सिंह ने खुले तौर पर विधान पार्षद नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनकी जमानत तक जब्त कराने की बात कही है। दूसरी ओर, नीरज कुमार ने भी तीखा पलटवार करते हुए बयानों के तीर छोड़े हैं। दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से चल रहे इस घमासान और एक-दूसरे पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों के कारण जदयू का शीर्ष नेतृत्व असहज स्थिति में है। अब देखना यह होगा कि पार्टी इस आंतरिक संकट से कैसे निपटती है और आगामी चुनावों में इसका क्या असर पड़ता है।

यह भी पढ़ें