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तेजस्वी यादव का दावा, बिहार में अगले 6 महीने में आएगा भयंकर वित्तीय संकट

| Published: | Updated:
तेजस्वी यादव का दावा, बिहार में अगले 6 महीने में आएगा भयंकर वित्तीय संकट
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मुख्य बातें

  • बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि अगले छह महीनों में बिहार भयंकर वित्तीय संकट की चपेट में आने वाला है।
  • पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी फायदों के लिए सरकारी खजाने को खाली कर दिया गया है, जिससे आने वाले समय में राज्य की आर्थिक स्थिति और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।
  • तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार इस समय पूरी तरह कर्ज पर चल रहा है।
  • विभागों को देने के लिए पैसे नहीं बचे हैं और न ही आपदा राहत के लिए कोई बजट है।

पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि अगले छह महीनों में बिहार भयंकर वित्तीय संकट की चपेट में आने वाला है। पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी फायदों के लिए सरकारी खजाने को खाली कर दिया गया है, जिससे आने वाले समय में राज्य की आर्थिक स्थिति और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।

खजाना खाली होने और किसानों की अनदेखी का आरोप

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार इस समय पूरी तरह कर्ज पर चल रहा है। विभागों को देने के लिए पैसे नहीं बचे हैं और न ही आपदा राहत के लिए कोई बजट है। उन्होंने किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य में बाढ़ और सूखे के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के लोगों को केवल चुनाव के समय ही बिहार की याद आती है और चुनाव खत्म होते ही वे राज्य को भूल जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के बजाय सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये केवल दिखावे के आयोजनों पर खर्च किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, बिहार का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में रहा है, जिससे करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, लेकिन सरकार उनकी मदद करने में नाकाम रही है।


चुनाव आयोग की निष्पक्षता और नियमों में बदलाव पर उठाए सवाल

तेजस्वी यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों का समर्थन करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने सीधे तौर पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि आयोग केवल वही काम कर रहा है जो सत्ता पक्ष चाहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर चुनाव सुधारों के नाम पर वोट रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि को एक साल से घटाकर केवल 45 दिन क्यों कर दिया गया।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया में किए गए बदलावों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले इस चयन समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते थे, लेकिन उन्हें हटाकर केंद्रीय मंत्री को रख दिया गया। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए विशेष सुरक्षा कवच दिए जा रहे हैं ताकि चुनावी गड़बड़ियों पर कोई जवाबदेही तय न हो सके।

तेजस्वी यादव का दावा, बिहार में अगले 6 महीने में आएगा भयंकर वित्तीय संकट

राज्य में बढ़ते अपराध और बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि महंगाई और गरीबी के कारण युवाओं में भारी असंतोष है। उन्होंने महाराष्ट्र में चल रहे छात्र आंदोलनों और उन पर हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए पानी की बौछारों और लाठीचार्ज पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि वे जनता के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद पर पूछे गए सवाल को उन्होंने टालते हुए कहा कि इस विषय पर पार्टी के प्रवक्ता ही आधिकारिक बयान देंगे।

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