पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार में अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश के बाद तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ चुनिंदा जिलों में बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है, जिससे आम जनजीवन और किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं।
बीते कुछ दिनों की बात करें तो राज्य में छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 4 अक्टूबर को फॉरबिसगंज और खानपुर में 4.2-4.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि लौकही, महेशी, रोसड़ा और पंडौल में भी हल्की बूंदाबांदी हुई। तापमान की स्थिति पर नजर डालें तो 3 अक्टूबर को औरंगाबाद में राज्य का सबसे अधिक तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं 4 अक्टूबर को राजगीर (नालंदा) में न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा। कुल मिलाकर पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान 19.4 से 26.3 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

किन जिलों में बारिश और आंधी-वज्रपात का अलर्ट?
मौसम विभाग के अनुसार 5 अक्टूबर को अधिकांश क्षेत्रों में मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा, लेकिन उत्तर-पश्चिम बिहार के पश्चिमी चंपारण तथा उत्तर-पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया और किशनगंज जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने आगामी 6 और 7 अक्टूबर के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग का अनुमान है कि 6 अक्टूबर को अररिया, पूर्वी चंपारण, किशनगंज, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल और पश्चिमी चंपारण में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही इन इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 7 अक्टूबर को बांका, भागलपुर, गया, जमुई और नवादा जिलों में भी समान मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान नागरिकों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। वज्रपात और तेज हवाओं के इस दौर में लोगों को खुले आसमान के नीचे रहने से बचने और पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी गई है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और विद्युत संचालित उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।





