छपरा (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के उम्मीदवार आफाक अहमद के नामांकन कार्यक्रम में पहुंचे पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला और वोटरों को एक नया राजनीतिक फॉर्मूला समझाया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे मौजूदा सत्ता को जवाबदेह बनाने के लिए बैलेट पेपर के जरिए अपनी ताकत दिखाएं।
नामांकन सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से सीधा संवाद किया और एनडीए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का सबसे बड़ा जरिया वोट की ताकत है। मतदाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा कि यदि इस बार चुनाव में एनडीए उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ता है, तो उसका संदेश सीधे शीर्ष स्तर तक पहुंचेगा और नेताओं को जनता की नाराजगी का अहसास होगा।

जन सुराज ने घोषित किए कई उम्मीदवार
बिहार विधान परिषद के इन चुनावों के लिए जन सुराज पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। पार्टी ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज सिंह को टिकट दिया है, जिनका मुकाबला जेडीयू के नेता नीरज कुमार से माना जा रहा है। इसी तरह तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. विमोहन कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है, जहां उनका सामना जेडीयू के अभिषेक झा से है।
- पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: डॉ. अनुज सिंह
- तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: डॉ. विमोहन कुमार
- दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी
- कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: रजनीश रंजन
- पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: दिव्या ज्योति
इसके अलावा दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया गया है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्या ज्योति को प्रत्याशी घोषित किया गया है, जो हाल ही में जन सुराज में शामिल हुई थीं। इन सभी सीटों पर एनडीए और महागठबंधन के प्रत्याशियों के साथ कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

प्रत्याशियों की जवाबदेही तय करने की अपील
प्रशांत किशोर ने जन सुराज के उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाते हुए कहा कि जनता को अपने मताधिकार का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि इस चुनाव में उनके उम्मीदवारों को जीत मिलती है, तो वे क्षेत्र के विकास के लिए पूरी सक्रियता से काम करेंगे। उन्होंने मतदाताओं से आह्वान किया कि नेताओं में हार का डर पैदा करना जरूरी है ताकि वे जनता के प्रति जवाबदेह बनें। विधान परिषद की इन सीटों पर होने वाले मतदान को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है और प्रचार अभियान तेज कर दिया है।





