पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार में 1 अक्टूबर से कई बड़े और महत्वपूर्ण नियम लागू हो चुके हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की जेब और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ रहा है। रसोई गैस सब्सिडी से लेकर बैंक से नकदी निकालने और उर्वरक की खरीद तक, व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। इन नए बदलावों के बारे में समय रहते जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी तरह की असुविधा या अतिरिक्त वित्तीय भार से बचा जा सके।
रसोई गैस, बैंक और टैक्स से जुड़े अहम बदलाव
घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत गैस सिलिंडर पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी BAA कराना अनिवार्य कर दिया गया है। तय समय सीमा या प्रक्रिया पूरी न होने की स्थिति में गैस सिलिंडर की आपूर्ति तो जारी रहेगी, लेकिन सरकारी सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो जाएगा। हालांकि जिन उपभोक्ताओं ने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों के लिए भी नकदी निकासी के नियमों में बदलाव लागू हुआ है। बैंक शाखाओं के माध्यम से संचालित होने वाले 'बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट' से अब महीने में केवल चार बार ही मुफ्त कैश निकाला जा सकेगा। इसके बाद प्रत्येक नकद निकासी पर 15 रुपये और उस पर लागू जीएसटी का शुल्क देना होगा। इसके अलावा बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की सीमा को संशोधित कर 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक कर दिया गया है, जिस पर बैंक पारदर्शी और समान ब्याज दरें निर्धारित करेंगे।

जन्म-मृत्यु पंजीकरण और कृषि व्यवस्था में भी फेरबदल
- जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र: नए प्रावधानों के तहत 21 दिनों के भीतर पंजीकरण निःशुल्क और सरल रहेगा, जबकि देरी होने पर कड़े नियमों और जुर्माने का सामना करना होगा। एक से दो साल के भीतर जन्म प्रमाण पत्र के लिए उपजिलाधिकारी या जिलाधिकारी के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य होगी।
- बच्चों के आधार बायोमेट्रिक: बच्चों के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट यानी फिंगरप्रिंट और फोटो आदि को मुफ्त में अपडेट कराने की सुविधा समाप्त कर दी गई है। अब इसके लिए निर्धारित शुल्क 125 रुपये देना होगा।
- उर्वरक खरीद व्यवस्था: किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराने और वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए कृषि विभाग ने फर्टिलाइजर सेल एप्लीकेशन सिस्टम लागू किया है, जिसके जरिए मोबाइल ऐप से उर्वरक की खरीद की जा सकेगी।
- संपत्ति कर जुर्माना: पटना नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर थी। अब 1 अक्टूबर से बकाया कर की मूल राशि पर प्रत्येक माह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूला जा रहा है।





