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बिहार में ISI का जासूसी नेटवर्क ध्वस्त, सेना की जानकारी भेजने वाले दो एजेंट गिरफ्तार

| Published: | Updated:
बिहार में ISI का जासूसी नेटवर्क ध्वस्त, सेना की जानकारी भेजने वाले दो एजेंट गिरफ्तार
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मुख्य बातें

  • बिहार में सेना की जासूसी करने वाले एक बड़े पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के स्लीपर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है।
  • असम एसटीएफ, एनआईए और आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में मोतिहारी और बेगूसराय से दो संदिग्ध एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है।
  • इन पर भारतीय सेना के संवेदनशील ठिकानों और सामरिक नक्शों की जानकारी सीमा पार भेजने का गंभीर आरोप है।
  • इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।

मोतिहारी (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार में सेना की जासूसी करने वाले एक बड़े पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के स्लीपर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है। असम एसटीएफ, एनआईए और आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में मोतिहारी और बेगूसराय से दो संदिग्ध एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर भारतीय सेना के संवेदनशील ठिकानों और सामरिक नक्शों की जानकारी सीमा पार भेजने का गंभीर आरोप है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।

सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान से संचालित होने वाले एक जासूसी नेटवर्क के बारे में खुफिया इनपुट मिला था। इसके बाद असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और सैन्य खुफिया इकाई (आर्मी इंटेलिजेंस) ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों के विश्लेषण के बाद बिहार से जुड़े दो युवकों की पहचान की गई। इसके बाद दोनों जिलों में छापेमारी कर इन्हें गिरफ्तार किया गया।

बिहार में ISI का जासूसी नेटवर्क ध्वस्त, सेना की जानकारी भेजने वाले दो एजेंट गिरफ्तार

सेना के ठिकानों की गोपनीय जानकारी भेजने का आरोप

गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के रहने वाले 31 वर्षीय अभिषेक कुमार सिंह के रूप में हुई है। एसटीएफ की विशेष टीम ने मोतिहारी में छापेमारी कर अभिषेक को दबोचा। उसके पास से मोबाइल फोन, एक पाकिस्तानी सिम कार्ड और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इन सभी उपकरणों को डेटा रिकवरी और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने किन-किन लोगों से संपर्क किया था।

अभिषेक कुमार सिंह से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क के दूसरे सदस्य का सुराग मिला। इसके आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने बेगूसराय में छापेमारी कर रितेश कुमार नाम के दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि रितेश भी सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था और उन्हें भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां भेज रहा था। इन दोनों के पास से सेना के संवेदनशील ठिकानों, सामरिक महत्व के नक्शों और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मिलने की बात सामने आई है।

बिहार में ISI का जासूसी नेटवर्क ध्वस्त, सेना की जानकारी भेजने वाले दो एजेंट गिरफ्तार

बैंक खातों और डिजिटल फुटप्रिंट की सघन जांच

मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने बताया कि स्थानीय पुलिस इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क है। पुलिस आरोपी अभिषेक कुमार सिंह के पारिवारिक पृष्ठभूमि, रिश्तेदारों और उसके हालिया वित्तीय लेनदेन की गहनता से जांच कर रही है। जांच का दायरा केवल मोबाइल फोन और सोशल मीडिया संपर्कों तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंक खातों के जरिए होने वाले संदिग्ध लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है ताकि फंडिंग के स्रोतों का पता चल सके।

"स्थानीय पुलिस मामले में केंद्रीय एजेंसियों का पूरा सहयोग कर रही है। आरोपी के बैंक खातों और उसके संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार कर जांच की जा रही है ताकि वित्तीय मदद के स्रोतों का पता लगाया जा सके।" - स्वर्ण प्रभात, एसपी, मोतिहारी

बिहार में ISI का जासूसी नेटवर्क ध्वस्त, सेना की जानकारी भेजने वाले दो एजेंट गिरफ्तार

सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि क्या बिहार में आईएसआई का यह नेटवर्क इन दो गिरफ्तारियों तक ही सीमित है या इसके तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट, सोशल मीडिया चैट और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए उनके हैंडलर्स के संपर्क माध्यमों को डिकोड करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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