Breaking
BIHAR

बांकीपुर उपचुनाव : प्रशांत किशोर ने भाजपा के अभेद किले में दर्ज की ऐतिहासिक जीत

By | Published: 03 Aug 2026, 06:04 PM
👁 22 views
बांकीपुर उपचुनाव : प्रशांत किशोर ने भाजपा के अभेद किले में दर्ज की ऐतिहासिक जीत
Share:

मुख्य बातें

  • बिहार की राजनीति में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा उलटफेर सामने आया है।
  • बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने सभी को हैरान कर दिया है।
  • जन सुराज पार्टी के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 18,953 वोटों के अंतर से मात देते हुए भाजपा का अभेद...
  • 31 राउंड की गिनती के बाद प्रशांत किशोर की जीत बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती शुरू होने के साथ ही प्रशांत किशोर की बढ़त लगातार मजबूत होती चली गई।
बिहार की राजनीति में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा उलटफेर सामने आया है। बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने सभी को हैरान कर दिया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 18,953 वोटों के अंतर से मात देते हुए भाजपा का अभेद किला माने जाने वाली बांकीपुर सीट पर ऐतिहासिक कब्जा कर लिया है। 31 राउंड की गिनती के बाद प्रशांत किशोर की जीत बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती शुरू होने के साथ ही प्रशांत किशोर की बढ़त लगातार मजबूत होती चली गई। अंतिम और 31वें राउंड की गिनती समाप्त होने के बाद प्रशांत किशोर ने 18,953 मतों के भारी अंतर से बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही बांकीपुर में भाजपा का दशकों पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया है। भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया: हार स्वीकार, ईवीएम पर सवाल नहीं इस अप्रत्याशित हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के खेमे में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'सर झुकाकर हम हार स्वीकार करते हैं।' वहीं, भाजपा नेता विजय सिन्हा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 'हम ईवीएम को बदनाम नहीं करते हैं विपक्ष की तरह, पार्टी इस हार की समीक्षा करेगी।' जीत के बाद प्रशांत किशोर का पहला बयान: बिहार के विकास और रोजगार पर जोर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के प्रशांत किशोर की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने बेहद संतुलित अंदाज में अपनी बात रखी। प्रशांत किशोर ने कहा, "हार-जीत होती रहती है, दल जीतते और हारते रहते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बिहार का विकास है। बिहार के युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए, ताकि उन्हें दिल्ली, मुंबई और गुजरात पलायन न करना पड़े।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के मुद्दे पर प्रशांत किशोर की अपील प्रशांत किशोर ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी विशेष अपील की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री जी, आपके नेतृत्व में केंद्र सरकार को बांकीपुर की जनता ने एक संदेश दिया है। बिहार को भी विकास और रोजगार में प्राथमिकता दीजिए। सिर्फ गुजरात ही नहीं, बिहार पर भी ध्यान दीजिए।" बिहार के मुख्यमंत्री के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "मैं पहले भी कहता रहा हूं कि बिहार का मुख्यमंत्री एक अच्छे व्यक्ति को बनाया जाना चाहिए। जिस व्यक्ति को बनाया गया है, उसे लेकर मैंने पहले भी सवाल उठाए थे। आज बांकीपुर की जनता ने भी भाजपा को संदेश दिया है कि बेहतर नेतृत्व और बेहतर उम्मीदवार को आगे लाया जाए।" उन्होंने बांकीपुर के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मैं बांकीपुर की जनता का धन्यवाद करता हूं। जिन्होंने हमें वोट दिया, उनका आभार। जिन्होंने वोट नहीं दिया, उनका भी सम्मान है। हम आगे उनका भी विश्वास जीतने की कोशिश करेंगे। बिहार का विकास ही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।" राजद की प्रतिक्रिया: भाजपा के लिए बड़ा झटका, हम भी करेंगे आत्ममंथन बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव की भी पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा, "हम जनता के जनादेश को सिर आंखों पर लेते हैं। इस हार की पार्टी गंभीरता से समीक्षा करेगी।" शक्ति सिंह यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए आगे कहा, "यह परिणाम भाजपा के लिए बड़ा झटका है। बांकीपुर जैसी सीट, जहां भाजपा करीब 40 वर्षों से जीत दर्ज करती रही, वहां जनता ने भाजपा को हरा दिया है। यह स्पष्ट संदेश है कि मतदाताओं ने बदलाव का फैसला किया है।" हालांकि, उन्होंने अपनी पार्टी की स्थिति पर भी बात की और स्वीकार किया कि "हमारी भी हार हुई है और हम आत्ममंथन करेंगे। इस परिणाम के कारणों की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।" बिहार की भावी राजनीति के लिए निर्णायक परिणाम बांकीपुर उपचुनाव के यह परिणाम बिहार की भावी राजनीति के दृष्टिकोण से काफी निर्णायक माने जा रहे हैं। साल 2025 के विधानसभा चुनाव में खाता न खोल पाने के बाद जन सुराज के लिए यह पहली बड़ी रणनीतिक सफलता साबित हो रही है। भाजपा के गढ़ में प्रशांत किशोर की यह जीत न केवल सत्ताधारी दल के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक तीसरे मजबूत विकल्प के उदय का साफ संकेत दे रही है।

Read This Also