दुबई (खबर डोज़ ब्यूरो)। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में हवा में एक भयानक साजिश नाकाम की गई। ओमान के एक को-पायलट ने उड़ान के दौरान मुख्य पायलट पर चाकू से हमला कर विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। विमान में सवार करीब 180 यात्रियों की जान दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के पायलटों की सूझबूझ से बच गई, जिसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ 1073 ने बुधवार को दुबई से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान से अचानक आपातकालीन (इमरजेंसी) सिग्नल भेजा गया। यह सिग्नल आमतौर पर विमान के अपहरण (हाईजैक) या किसी बेहद गंभीर सुरक्षा खतरे की स्थिति में भेजा जाता है। इस सिग्नल के मिलते ही इजरायल के सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया और वायुसेना के लड़ाकू विमानों को भी तुरंत अलर्ट पर रख दिया गया।

विमान अपनी तय दिशा में आगे बढ़ने के बजाय अचानक सऊदी अरब की हवाई सीमा में दाखिल हुआ। वहां तबुक हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मांगी गई। सुरक्षित लैंडिंग के बाद जब सुरक्षा अधिकारी विमान के भीतर पहुंचे, तब इस खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ।
हवा में कैसे बची 180 यात्रियों की जान?
शुरुआती जांच और रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान के नागरिक और विमान के को-पायलट ने अचानक मुख्य पायलट पर चाकू से हमला बोल दिया था। उसका इरादा विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे क्रैश कराने का था। विमान में उस समय करीब 180 इजरायली यात्री सवार थे, जिनकी जान सीधे तौर पर खतरे में आ गई थी।
इस बेहद नाजुक और तनावपूर्ण स्थिति में विमान में मौजूद अतिरिक्त क्रू मेंबर और अन्य पायलटों ने मोर्चा संभाला। यह अतिरिक्त क्रू मेंबर एक नियमित सुरक्षा ड्रिल के तहत विमान में यात्रा कर रहा था, जो इस संकट के समय वरदान साबित हुआ। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड से संबंध रखने वाले पायलटों की इस टीम ने तुरंत हमलावर को-पायलट को काबू में किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।

इजरायली सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच
इस घटना को लेकर इजरायल की सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। इजरायली रक्षा बलों (IDF), आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट और खुफिया एजेंसी मोसाद के अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की है। इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने प्राथमिक आकलन के आधार पर इसे एक सोची-समझी आतंकी साजिश माना है। हालांकि, घटना के पीछे के वास्तविक कारणों और आरोपी की मानसिक स्थिति की गहन जांच की जा रही है।
एक वरिष्ठ इजरायली सुरक्षा अधिकारी ने इस घटना की तुलना 11 सितंबर 2001 के अमेरिका में हुए आतंकी हमलों और 1976 के ऐतिहासिक एंटेबे विमान अपहरण कांड से की है। अधिकारी के मुताबिक, अगर विमान में सादे कपड़ों में अतिरिक्त पायलट और क्रू की टीम मौजूद नहीं होती, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते थे।
फिलहाल, आरोपी को-पायलट को सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और इजरायली सरकार उन्हें वापस लाने के लिए राजनयिक स्तर पर प्रयास कर रही है। विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ इस घटना को कॉकपिट सुरक्षा नियमों में एक बड़े उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं।





