देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं और परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच उत्तराखंड से भी पेपर लीक का एक और मामला सामने आया है। देहरादून स्थित उत्तराखंड टेक्निकल विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग के दो सेमेस्टर के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गए। इस गंभीर घटना के उजागर होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। शुरुआती जांच में एक बाहरी पेपर सेटर सहायक प्रोफेसर की संलिप्तता पाए जाने के बाद विश्वविद्यालय ने उस पर कड़ा प्रतिबंध लगाया है, जबकि मामले की विस्तृत कानूनी जांच के लिए शिकायत पुलिस को सौंपी गई है।
किन विषयों की परीक्षाएं हुईं रद्द?
उत्तराखंड टेक्निकल विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि परीक्षा आयोजित होने से पहले ही प्रश्नपत्र कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंच चुके थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निम्नलिखित दो विषयों की सेमेस्टर परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला किया है:
- मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Machine Learning for Internet of Things)
- इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी (Electromagnetic Field Theory)
इन परीक्षाओं में राज्य के विभिन्न संबद्ध कॉलेजों के हजारों छात्र शामिल होने वाले थे। परीक्षा की शुचिता भंग होने की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पारदर्शी परीक्षा कराना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

व्हाट्सऐप के जरिए लीक हुआ पेपर, प्रोफेसर पर 7 साल का बैन
विश्वविद्यालय द्वारा की गई प्राथमिक जांच में गोपनीयता के नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए नियुक्त किए गए एक बाहरी सहायक प्रोफेसर ने परीक्षा से पूर्व ही व्हाट्सऐप के माध्यम से कुछ छात्रों को प्रश्न भेज दिए थे।
इस मामले में कठोर कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी बाहरी सहायक प्रोफेसर को भविष्य में होने वाली परीक्षा से संबंधित सभी कार्यों से अगले सात वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही, पूरे मामले की कानूनी जांच कराने और इसमें शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने के लिए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
हजारों छात्रों पर पड़ा असर, अगस्त में हो सकती है दोबारा परीक्षा
पेपर लीक की इस घटना के कारण विभिन्न संबद्ध संस्थानों के हजारों छात्रों की मेहनत प्रभावित हुई है। परीक्षाएं रद्द होने के चलते अब इन विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा में बैठना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया है कि रद्द की गई दोनों परीक्षाओं को अगस्त के पहले या दूसरे सप्ताह में दोबारा आयोजित किया जा सकता है। परीक्षा की नई तारीख जल्द ही आधिकारिक रूप से घोषित की जाएगी, ताकि छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश
उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में सामने आए इस प्रकरण पर राज्य सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था के लिए उठाए जा रहे कदम
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गड़बड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे। विश्वविद्यालय ने आश्वस्त किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित व पारदर्शी बनाने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएंगे।





