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BPSC TRE-4: विज्ञापन जारी न होने पर छात्रों में भारी गुस्सा,महा आंदोलन की चेतावनी

By | Published: 02 Aug 2026, 02:10 PM
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BPSC TRE-4: विज्ञापन जारी न होने पर छात्रों में भारी गुस्सा,महा आंदोलन की चेतावनी
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मुख्य बातें

  • बिहार में शिक्षक बहाली के चौथे चरण यानी BPSC TRE-4 के विज्ञापन को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
  • बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के जरिए अभ्यर्थियों को जानकारी दी थी कि 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेव...
  • इस सूचना के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि जल्द ही बहाली की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन अब तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश...
  • अभ्यर्थियों द्वारा 'BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाए जा रहे हैं।

बिहार में शिक्षक बहाली के चौथे चरण यानी BPSC TRE-4 के विज्ञापन को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के जरिए अभ्यर्थियों को जानकारी दी थी कि 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना भेज दी गई है। इस सूचना के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि जल्द ही बहाली की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन अब तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है।

'विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें' के लगे नारे

नोटिफिकेशन जारी करने में हो रही देरी के विरोध में छात्र नेता दिलीप कुमार और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। अभ्यर्थियों द्वारा 'BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाए जा रहे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार और विभाग के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए विज्ञापन जारी न होने की स्थिति में एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।


अधियाचना वापस होने पर उठे सवाल

छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि BPSC TRE-4 के लिए पिछले दो साल से केवल घोषणाएं और ऐलान ही किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर अब तक कोई विज्ञापन सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि बीपीएससी की तरफ से यह जानकारी मिल रही है कि भेजी गई अधियाचना को वापस कर दिया गया है। छात्र नेता ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कैसी अधियाचना तैयार कर भेजी गई थी जिसे आयोग को वापस लौटाना पड़ा।

दिलीप कुमार के अनुसार, बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया है कि अधियाचना में कुछ तकनीकी त्रुटियां थीं, जिसके कारण इसे सुधार के लिए वापस भेजा गया है। इस अव्यवस्था को लेकर छात्र नेता ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की कार्यशैली और योग्यता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के भीतर सभी विषयों में पर्याप्त सीटों के साथ नोटिफिकेशन जारी किया जाना चाहिए, अन्यथा राज्य भर के अभ्यर्थी मिलकर एक महा आंदोलन की शुरुआत करेंगे।

BSSC की नई अध्यक्ष शोभा अहोतकर से उम्मीदें

शिक्षक बहाली के मुद्दे के साथ-साथ छात्र नेता दिलीप कुमार ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) में नई अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से बीएसएससी में कोई स्थाई अध्यक्ष नहीं था, जिससे आयोग के कामकाज में काफी बाधाएं आ रही थीं। अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों द्वारा सरकार पर लगातार बनाए गए दबाव के बाद आखिरकार शोभा अहोतकर को बीएसएससी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

शोभा अहोतकर के बारे में बात करते हुए दिलीप कुमार ने कहा, "मैं उन्हें बचपन से जान रहा हूं। जब वह दरभंगा की एसपी थीं, तब मैं नौवीं या दसवीं कक्षा में पढ़ता था। वह एक बेहद कड़क मिजाज और ईमानदार अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि वह अपने कार्यकाल में बेहतर और पारदर्शी तरीके से काम करेंगी।"


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जताया आभार

छात्र नेता ने बीएसएससी में एक कड़क और ईमानदार अधिकारी की नियुक्ति करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही नई अध्यक्ष शोभा अहोतकर से मुलाकात करने जाएंगे। उन्होंने पूर्व के अध्यक्षों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के चेयरमैन छात्रों और उनके प्रतिनिधियों से मुलाकात नहीं करते थे, लेकिन नई अध्यक्ष से उम्मीद है कि वे छात्रों की समस्याओं को सुनेंगी। छात्र नेता ने आशा व्यक्त की कि नई अध्यक्ष के आने से बीएसएससी की छवि साफ-सुथरी होगी और लंबित परीक्षाओं व परिणामों में तेजी आएगी।

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