बिहार के विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को पटना के 10 मॉडल स्कूलों में इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग सेवा का शुभारंभ किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के मेधावी छात्रों को बिना किसी आर्थिक बाधा के देश की प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है।
पहले चरण में सैकड़ों छात्रों ने कराया पंजीकरण
इस निशुल्क अनुशिक्षण कार्यक्रम के पहले चरण में छात्रों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में जेईई (JEE) की तैयारी के लिए 266 छात्रों और नीट (NEET) की तैयारी के लिए 252 छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया है। इन सभी पंजीकृत छात्रों को विशेष रूप से तैयार की गई शैक्षणिक व्यवस्था के तहत कोचिंग प्रदान की जाएगी।

स्मार्ट क्लास और आधुनिक सुविधाओं से होगी पढ़ाई
इस मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम के तहत छात्रों को आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- एक्सपर्ट टीचर्स द्वारा अध्यापन: अनुभवी और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से छात्रों को कठिन विषयों की तैयारी कराई जाएगी।
- स्मार्ट क्लासरूम: सभी कक्षाएं आधुनिक स्मार्ट क्लास तकनीक के माध्यम से संचालित की जाएंगी, जिससे छात्रों को समझने में आसानी होगी।
- हाई क्वालिटी स्टडी मैटेरियल: छात्रों को परीक्षा के स्तर के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
- डाउट क्लियरिंग सेशन: छात्रों की शंकाओं के समाधान के लिए विशेष डाउट क्लियरिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे।
- नियमित मूल्यांकन: छात्रों की प्रगति को जांचने के लिए हर 15 दिन में क्लास टेस्ट का आयोजन किया जाएगा।

155 मॉडल स्कूलों तक होगा योजना का विस्तार
सरकार की योजना इस पहल को केवल पटना तक सीमित रखने की नहीं है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही इस निशुल्क कोचिंग योजना का विस्तार पूरे बिहार में किया जाएगा। आने वाले समय में राज्य के 155 मॉडल स्कूलों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को भी इसका सीधा लाभ मिल सके।
शास्त्रीनगर में आयोजित हुआ मुख्य कार्यक्रम
इस योजना का औपचारिक शुभारंभ पटना के शास्त्रीनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया। यहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'बिहार स्कूल लाइव क्लासेज' का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा संचालित ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज के तहत पटना के 10 सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों (मॉडल स्कूलों) में इस निशुल्क अनुशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाइव क्लास व्यवस्था के माध्यम से चयनित 10 मॉडल स्कूलों के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्रों से शैक्षणिक व्यवस्था के बारे में जानकारी ली और उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे सभी मन लगाकर पढ़ें और जीवन में आगे बढ़ें।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थी सम्मानित
इस अवसर पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों को सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन मेधावी अभ्यर्थियों को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
शिक्षा विभाग ने 7 स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ किया समझौता (MoU)
बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और इसमें आधुनिक नवाचारों को शामिल करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग ने सात प्रमुख स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य की स्कूली शिक्षा में कई महत्वपूर्ण तकनीकी और शैक्षणिक सुधार किए जाएंगे।
इस समझौते के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में व्यापक सुधार और कार्य किए जाएंगे:
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) का सुदृढ़ीकरण।
- STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को बढ़ावा देना।
- गणित और विज्ञान के शिक्षण स्तर में सुधार।
- शिक्षण नेतृत्व (Teaching Leadership) और शिक्षकों की क्षमता निर्माण (Teacher Capacity Building)।
- कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग और डिजाइन थिंकिंग का विकास।
- परियोजना-आधारित शिक्षण (Project-based learning) को बढ़ावा देना।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मूल्यांकन और डेटा-आधारित शैक्षणिक प्रबंधन को लागू करना।





