बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के भीतर से असंतोष के सुर उठने लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने संगठन और नेतृत्व को लेकर एक बेहद बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि पार्टी को इस हार के बाद आत्ममंथन करने की सख्त जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेता तेजस्वी यादव के आसपास मौजूद कुछ करीबियों को तुरंत हटाने की मांग की है।

तेजस्वी यादव के करीबियों पर फूटा गुस्सा
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने पार्टी नेतृत्व को नसीहत देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव के आसपास रहने वाले कुछ लोगों को बाहर का रास्ता दिखाना होगा। उन्होंने दावा किया कि आम जनता इन लोगों को लेकर बेहद नाराज है। भाई वीरेंद्र के मुताबिक, जनता उन लोगों को लेकर गालियां देती है और असंसदीय भाषा का प्रयोग करती है। ऐसे में पार्टी को नए सिरे से खुद को खड़ा करना होगा, जनता के बीच जाना होगा और उनसे दोबारा संपर्क स्थापित करना होगा।

पार्टी से हुई बड़ी गलती, संगठन की समीक्षा की मांग
अपनी ही पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाते हुए भाई वीरेंद्र ने स्वीकार किया कि इस पूरे मामले में राजद से बड़ी गलती हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने संगठन और रणनीति की व्यापक समीक्षा करनी चाहिए। विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों पर भरोसा किया गया था, लेकिन उन्होंने उस भरोसे को पूरी तरह से तोड़ा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे नेताओं की भूमिका की भी गहन समीक्षा होनी चाहिए। अब समय आ गया है कि अच्छे और समर्पित कार्यकर्ताओं को पार्टी की मुख्यधारा में लाया जाए और उन्हें नेतृत्व के आसपास जगह दी जाए।

प्रशांत किशोर के समर्थन पर दिया बड़ा बयान
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों का विश्लेषण करते हुए भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि यह परिणाम भाजपा और एनडीए के खिलाफ जनमत था। उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि राजद के कुछ समर्थक वोटरों ने भी भाजपा को हराने की रणनीति के तहत प्रशांत किशोर का समर्थन किया। राजद समर्थकों को लगा कि प्रशांत किशोर ही इस मुकाबले में सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं, इसलिए उन्होंने वहां वोट किया।

नीतीश कुमार और भाजपा पर साधा निशाना
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेताओं द्वारा दिए गए उस बयान पर जिसमें कहा गया था कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव प्रचार में सक्रिय रहते तो भाजपा को हार का सामना नहीं करना पड़ता, भाई वीरेंद्र ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। बिहार में भाजपा अगर आज मजबूत हुई है, तो उसमें सबसे बड़ी भूमिका नीतीश कुमार की ही रही है। भाजपा को आगे बढ़ाने का काम उन्होंने ही किया है। इसके साथ ही राजद विधायक ने आरोप लगाया कि बिहार में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार भी नीतीश कुमार के शासनकाल में ही हुआ है।





