संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष का जोरदार हंगामा
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त तकरार देखने को मिली। नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने दोनों सदनों में भारी हंगामा किया। इस हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को पहले दिन ही स्थगित करना पड़ा। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आया, जिसके चलते पहले ही दिन संसद में तीखी बहस और नारेबाजी का माहौल बना रहा।
प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना
शिवसेना (यूबीटी) की नेता और सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री के संबोधन पर सवाल उठाए। प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में स्काईरूट के 28 वर्षीय युवाओं की उपलब्धियों का तो जिक्र किया, जिनकी दुनिया भर में सराहना हो रही है, लेकिन उन्होंने उन लाखों छात्रों का कोई जिक्र नहीं किया जो NEET-UG पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं और जिनका भविष्य इस समय संकट में है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि देशव्यापी विरोध और इस्तीफे की लगातार उठ रही मांग के बावजूद सरकार धर्मेंद्र प्रधान को बचाने में जुटी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या धर्मेंद्र प्रधान प्रधानमंत्री के मंत्रिमंडल के ऐसे 'खास रत्न' बन गए हैं, जिन्हें हर हाल में संरक्षण दिया जा रहा है। विपक्ष लगातार इस बात पर अड़ा है कि पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने उठाया नीट का मुद्दा
संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक मामले को बेहद गंभीरता से उठाया। खरगे ने सदन में बोलते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल कोई राजनीतिक विषय नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ एक अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि देश भर के लाखों छात्र और उनके अभिभावक अपने भविष्य को लेकर गहरे असमंजस और चिंता में हैं।
लोकसभा में हंगामा और कार्यवाही स्थगित
उधर, निचले सदन यानी लोकसभा में भी स्थिति अलग नहीं थी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की, सबसे पहले दिवंगत पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त समय दिया जाएगा।
हालांकि, स्पीकर के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी रही। विपक्ष के अड़ियल रुख को देखते हुए स्पीकर ने पहले लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर तक के लिए स्थगित किया। लेकिन जब दोबारा सदन की बैठक शुरू हुई और हंगामा शांत नहीं हुआ, तो विपक्षी दलों के कड़े विरोध को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा। अब दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार को दोबारा शुरू होगी।





