Breaking
Politics

बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर ने दाखिल किया नामांकन, शपथ पत्र में पत्नी संग 198 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा

By | Published: 14 Jul 2026, 02:21 PM
👁 20 views
बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर ने दाखिल किया नामांकन, शपथ पत्र में पत्नी संग 198 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा
Share:

मुख्य बातें

  • बिहार की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।
  • सोमवार को दाखिल किए गए इस चुनावी हलफनामे (एफिडेविट) के साथ ही प्रशांत किशोर की संपत्ति और नेटवर्थ को लेकर लंबे समय से बना सस्पेंस अब पूरी तरह खत्म हो गया है।
  • हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी डॉक्टर जाह्नवी दास के पास कुल मिलाकर लगभग 198 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है।प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी की संपत्ति का...
  • इसमें उनके नाम पर 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 73.87 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है।

बिहार की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। सोमवार को दाखिल किए गए इस चुनावी हलफनामे (एफिडेविट) के साथ ही प्रशांत किशोर की संपत्ति और नेटवर्थ को लेकर लंबे समय से बना सस्पेंस अब पूरी तरह खत्म हो गया है। हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी डॉक्टर जाह्नवी दास के पास कुल मिलाकर लगभग 198 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है।

प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी की संपत्ति का पूरा ब्योरा

चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर के पास व्यक्तिगत रूप से कुल 96.07 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें उनके नाम पर 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 73.87 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। इसके साथ ही प्रशांत किशोर पर 5.77 करोड़ रुपये का कर्ज (लोन) भी है।

वहीं, उनकी पत्नी डॉक्टर जाह्नवी दास संपत्ति के मामले में उनसे आगे हैं। जाह्नवी दास के पास कुल 101.93 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। उन पर भी 55 लाख रुपये का कर्ज है। दोनों की कुल संपत्ति को मिला दिया जाए तो यह आंकड़ा 198 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है।

टैक्स भुगतान और कंपनी का मालिकाना हक

प्रशांत किशोर ने अपने शपथ पत्र में वित्तीय लेन-देन और टैक्स भुगतान की भी पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 के बीच उन्होंने कुल 4.45 करोड़ रुपये का आयकर (इनकम टैक्स) और 5.58 करोड़ रुपये का जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) भरा है।

इसके अलावा, प्रशांत किशोर के पास वेदहास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में 100 फीसदी कंट्रोलिंग शेयर (मालिकाना हक) हैं। हलफनामे में स्पष्ट किया गया है कि इसी कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जन सुराज पार्टी को 85 करोड़ रुपये और जन सुराज फाउंडेशन को 50 लाख रुपये का चंदा दिया था। इसके साथ ही, साल 2023-24 में इस कंपनी ने जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फाउंडेशन को 2.75 करोड़ रुपये का चंदा दिया था।

सलाहकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर का पहला चुनाव

विभिन्न राजनीतिक दलों और बड़े नेताओं के लिए चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम कर चुके प्रशांत किशोर का खुद का यह पहला चुनाव है। इससे पहले पिछले साल नवंबर में बिहार विधानसभा के आम चुनाव के दौरान उन्होंने करगहर और राघोपुर सीटों से चुनाव लड़ने का माहौल बनाया था, लेकिन बाद में वे पीछे हट गए थे।

प्रशांत किशोर ने पहले साझा किया था कि उन्होंने चुनावी सलाह देने के अपने पेशे से तीन वर्षों में कुल 241 करोड़ रुपये कमाए थे, जिसमें से उन्होंने 98 करोड़ रुपये जन सुराज पार्टी को दान कर दिए थे। चंपारण में उपवास रखने के बाद उन्होंने घोषणा की थी कि अगले 5 वर्षों तक वे अपनी सलाह से होने वाली कमाई का 90 प्रतिशत हिस्सा अपनी पार्टी को दान करेंगे।

बांकीपुर उपचुनाव का राजनीतिक समीकरण

बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति तब बनी जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस सीट को खाली किया। नितिन नवीन इस सीट से साल 2006 से लगातार जीतते आ रहे हैं। साल 2006 में अपने पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद वे पहली बार उपचुनाव जीते थे, तब इस सीट का नाम पटना पश्चिम था। साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद 2010 के चुनाव से इसका नाम बांकीपुर हो गया।

इस सीट पर मतदान 30 जुलाई को होना है, जबकि चुनाव के नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। प्रशांत किशोर इस उपचुनाव को बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के कामकाज पर जनता के फैसले के रूप में पेश कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर बांकीपुर की जनता भाजपा को उसके इस गढ़ में हरा देती है, तो इसकी गूंज सीधे दिल्ली तक जाएगी।

भाजपा का उम्मीदवार बदलना और त्रिकोणीय मुकाबला

बांकीपुर सीट पर राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है। सत्तारूढ़ भाजपा ने पहले इस सीट से युवा नेता अभिषेक बंटी को टिकट दिया था। अभिषेक बंटी ने अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था और उनके समर्थन में एनडीए के बड़े नेताओं ने जनसभा कर वोट भी मांगे थे। लेकिन अचानक शुक्रवार को उन्होंने मैदान से हटने का फैसला कर लिया। इसके बाद भाजपा ने पटना के एक मंडल अध्यक्ष नीरज सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने सोमवार को अपना पर्चा दाखिल किया।

अब बांकीपुर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय होने की उम्मीद है। मुख्य मुकाबला मुख्य रूप से निम्नलिखित उम्मीदवारों के बीच माना जा रहा है:

  • प्रशांत किशोर (जन सुराज पार्टी)
  • नीरज सिन्हा (भारतीय जनता पार्टी)
  • रेखा गुप्ता (राष्ट्रीय जनता दल)

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता इससे पहले नवंबर में भी चुनाव लड़ चुकी हैं, जहां उन्हें नितिन नवीन से बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार बांकीपुर में दर्जन भर से अधिक उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, लेकिन मुख्य मुकाबला इन्हीं तीनों के बीच सिमटता दिख रहा है।

नामांकन दाखिल करने से पहले प्रशांत किशोर अपनी पत्नी डॉक्टर जाह्नवी दास के साथ सोनपुर के प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर गए थे, जहां उन्होंने पूजा-अचना की। नामांकन के समय भी उनकी पत्नी उनके साथ मौजूद रहीं।

Read This Also