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अनंत सिंह की नई सियासी चाल, बेटे के लिए मोकामा और खुद के लिए नवादा से लोकसभा लड़ने की चर्चा

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अनंत सिंह की नई सियासी चाल, बेटे के लिए मोकामा और खुद के लिए नवादा से लोकसभा लड़ने की चर्चा
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मुख्य बातें

  • पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बाहुबली नेता अनंत सिंह की सक्रियता के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है।
  • जेडीयू के कद्दावर नेता नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन करने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में इस कदम को एक बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
  • कयास लगाए जा रहे हैं कि अनंत सिंह अपने परिवार को स्थानीय राजनीति से लेकर राष्ट्रीय फलक तक स्थापित करने की तैयारी कर चुके हैं।अनंत सिंह पहले ही यह ऐलान कर चुके हैं कि उनके बेटे मोकामा से चुनाव लड़ेंगे।
  • मोकामा उनकी पारंपरिक राजनीतिक जमीन रही है, जहां उनका लंबे समय से प्रभाव रहा है।
खबर डोज़ ब्यूरो। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बाहुबली नेता अनंत सिंह की सक्रियता के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है। जेडीयू के कद्दावर नेता नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन करने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में इस कदम को एक बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अनंत सिंह अपने परिवार को स्थानीय राजनीति से लेकर राष्ट्रीय फलक तक स्थापित करने की तैयारी कर चुके हैं।

अनंत सिंह पहले ही यह ऐलान कर चुके हैं कि उनके बेटे मोकामा से चुनाव लड़ेंगे। मोकामा उनकी पारंपरिक राजनीतिक जमीन रही है, जहां उनका लंबे समय से प्रभाव रहा है। अब यदि अगली पीढ़ी मोकामा की कमान संभालती है, तो अनंत सिंह के खुद के राजनीतिक दायरे को लेकर भी नए कयास लगने लगे हैं। चर्चा है कि वह मोकामा से बाहर निकलकर सीधे लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं और इसके लिए नवादा सीट को सबसे मुफीद माना जा रहा है।

अनंत सिंह की नई सियासी चाल, बेटे के लिए मोकामा और खुद के लिए नवादा से लोकसभा लड़ने की चर्चा

नवादा से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि अनंत सिंह 2029 के लोकसभा चुनाव में नवादा संसदीय सीट से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान या घोषणा सामने नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से उनके करीबी लोग पहले भी इस क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं, उससे इन चर्चाओं को बल मिला है। इससे पहले 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके करीबी और लोकप्रिय गायक गुंजन सिंह ने नवादा से चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी।

अनंत सिंह की नई सियासी चाल, बेटे के लिए मोकामा और खुद के लिए नवादा से लोकसभा लड़ने की चर्चा

जानकारों का मानना है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव केवल एक एमएलसी सीट की लड़ाई तक सीमित नहीं है। इस बहाने अनंत सिंह अपने राजनीतिक प्रभाव और विरोधियों को साधने की कोशिश में जुटे हैं। नीरज कुमार के साथ उनका पुराना और जगजाहिर राजनीतिक टकराव किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में स्नातक चुनाव के जरिए क्षेत्र में नए समीकरण साधना और अपने दूसरे बेटे अंकित सिंह के लिए भविष्य की संभावनाएं तलाशना भी इस रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

क्या 2029 की तैयारी में जुटे हैं बाहुबली नेता?

बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले मानते हैं कि अनंत सिंह के हालिया कदम भविष्य के बड़े बदलावों की ओर इशारा करते हैं। एक तरफ जहां बड़े बेटे के लिए मोकामा की जमीन तैयार की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के जरिए सियासी जमीन को मजबूत किया जा रहा है। यदि नवादा से उनके लोकसभा लड़ने की चर्चाएं सच साबित होती हैं, तो यह मोकामा की स्थानीय सीमा से बाहर निकलकर राज्य स्तर पर उनके राजनीतिक विस्तार का सबसे बड़ा अध्याय होगा। फिलहाल इन तमाम संभावनाओं के बीच राजनीतिक दलों की निगाहें पटना स्नातक चुनाव के नतीजों पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों की दिशा तय कर सकते हैं।

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