Breaking
Politics

दो ठेकुआ, एक चाय नारे पर घिरी बिहार भाजपा, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने सिखाया सबक

| Published: | Updated:
दो ठेकुआ, एक चाय नारे पर घिरी बिहार भाजपा, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने सिखाया सबक
Share:

मुख्य बातें

  • बिहार भाजपा (BJP) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में सोशल मीडिया पर किया गया एक पोस्ट विवादों में घिर गया है।
  • दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर हुए आंदोलनों के नारों की तर्ज पर भाजपा ने तुकबंदी की, जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए हैं और तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
  • बिहार भाजपा के आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल से मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों का एक कोलाज साझा किया गया।
  • इस कोलाज के साथ कैप्शन में लिखा गया, "दो ठेकुआ, एक चाय, PM मोदी देश को भाए!"।

पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार भाजपा (BJP) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में सोशल मीडिया पर किया गया एक पोस्ट विवादों में घिर गया है। दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर हुए आंदोलनों के नारों की तर्ज पर भाजपा ने तुकबंदी की, जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए हैं और तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

बिहार भाजपा के आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल से मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों का एक कोलाज साझा किया गया। इस कोलाज के साथ कैप्शन में लिखा गया, "दो ठेकुआ, एक चाय, PM मोदी देश को भाए!"। भाजपा का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया, लेकिन इस पर तारीफ से ज्यादा आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

दरअसल, यह नारा उस समय पोस्ट किया गया है जब देश में सोशल मीडिया पर इसी तरह की तुकबंदी वाले कई अन्य नारे चर्चा का विषय बने हुए हैं। लेकिन भाजपा द्वारा इस शैली का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए किए जाने पर लोगों ने आपत्ति जताई है।

दो ठेकुआ, एक चाय नारे पर घिरी बिहार भाजपा, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने सिखाया सबक

दिल्ली के छात्र आंदोलन से जुड़ा है मूल नारा

इस तुकबंदी वाले नारे की पृष्ठभूमि दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और दिल्ली के अन्य इलाकों में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी है। दिल्ली के कालकाजी में हुई सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घटना के विरोध में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं और महिला संगठनों ने सुरक्षा और जवाबदेही की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था।

इस आंदोलन के दौरान छात्राओं ने पुरुषवादी मानसिकता और व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जाहिर करने के लिए कई तुकबंदी वाले नारे लगाए थे। इनमें "एक कचौरी दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा" और "एक सुट्टा दो चाय, मर्द जात हाय-हाय" जैसे नारे शामिल थे। इसके अलावा "मेरे सिर में दर्द है, इसका कारण मर्द है" जैसे नारे भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे।

महिला सुरक्षा और गंभीर अपराध के खिलाफ उपजे इन संवेदनशील नारों को राजनीतिक रूप देने और प्रधानमंत्री की तारीफ में इस्तेमाल करने को लेकर ही अब विवाद खड़ा हो गया है।

दो ठेकुआ, एक चाय नारे पर घिरी बिहार भाजपा, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने सिखाया सबक

सोशल मीडिया यूजर्स का फूटा गुस्सा

भाजपा के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यूजर्स ने न केवल नाराजगी जताई, बल्कि उसी अंदाज में पलटवार भी किया। एक यूजर ने लिखा, "एक ही भूल, कमल का फूल।" वहीं एक अन्य यूजर ने बिहार के प्रसिद्ध पकवान ठेकुआ का जिक्र करते हुए लिखा, "दो ठेकुआ, एक चाय, मोदी जी अब तनिक न सुहाय।"

कई लोगों ने टिप्पणी की कि गंभीर मुद्दों और महिला सुरक्षा से जुड़े आंदोलनों के नारों का इस तरह से राजनीतिकरण करना बेहद असंवेदनशील है। सोशल मीडिया पर लोग भाजपा को याद दिला रहे हैं कि जिस मूल नारे की नकल की गई है, वह दिल्ली में छात्राओं के साथ हुई बर्बरता और उनके आक्रोश से पैदा हुआ था।

इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या सफाई सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है, जहां एक तरफ समर्थक इसे सामान्य राजनीतिक तुकबंदी मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी समर्थक और आम नागरिक इसे असंवेदनशील बता रहे हैं।

यह भी पढ़ें