पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से ठीक पहले एनडीए खेमे में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई एनडीए विधानमंडल दल की बैठक के तुरंत बाद मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने बागी रुख अख्तियार कर लिया है। अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार का समर्थन करने का खुला एलान किया है, जिसके बाद जदयू ने बागियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार की शाम लोक सेवक आवास पर हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मतों के बिखराव को रोकना और आठों सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत पक्की करने की रणनीति बनाना था। बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी सांसदों, विधायकों और केंद्रीय मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होने की अपील की। इसके बाद शीर्ष नेताओं ने सूक्ष्म मत प्रबंधन को लेकर अलग से रणनीति तैयार की। हालांकि, बैठक के भीतर विरोधियों और बागियों के खिलाफ शिकंजा कसने पर कोई विशेष चर्चा नहीं हुई थी, लेकिन बाहर निकलते ही बगावत की तस्वीरें साफ हो गईं।

एनडीए की बैठक के बाद अनंत सिंह के बागी सुर
बैठक समाप्त होते ही जदयू विधायक अनंत सिंह के बयानों ने एनडीए के भीतर मचे घमासान को उजागर कर दिया। अनंत सिंह ने दो टूक कहा कि वे पटना स्नातक क्षेत्र के चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक के दौरान इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी या किसी अन्य वरिष्ठ नेता से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई।

"बैठक में वही सब हुआ जो हमेशा होता है। हम जदयू को भी मजबूत करेंगे, लेकिन पटना स्नातक क्षेत्र में अनुज सिंह के लिए काम करेंगे।" - अनंत सिंह, जदयू विधायक
अनंत सिंह का यह रुख एनडीए के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पटना स्नातक क्षेत्र में एनडीए के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ उनके प्रचार करने से पार्टी के वोट बैंक में सेंध लग सकती है। जन सुराज की इस चुनाव में सक्रियता ने पहले ही मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है, और अब सत्ताधारी दल के विधायक का ही समर्थन मिलने से उनकी स्थिति मजबूत हो सकती है।
बागियों पर जदयू की कड़ी चेतावनी और भीतरघात का खतरा
अनंत सिंह के इस बागी तेवर पर जदयू ने कड़ा रुख अपनाया है। जदयू विधानमंडल दल के नेता और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में साफ चेतावनी दी कि एनडीए के अधिकृत उम्मीदवारों का विरोध करने वाले विधायकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो भी विधायक या नेता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करेगा, उसके खिलाफ संबंधित घटक दल कार्रवाई करेगा।

एनडीए के लिए केवल अनंत सिंह ही नहीं, बल्कि कई अन्य सीटों पर भी बागी उम्मीदवार बड़ी चुनौती बने हुए हैं। नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा के बागी आदित्य कुमार झा और सारण स्नातक सीट पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के बागी रामपुकार सिन्हा चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। इन दोनों बागियों की मौजूदगी से भाजपा और जदयू के आधिकारिक उम्मीदवारों के समीकरण बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में एनडीए के सभी पांचों घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए। इसके अलावा दोनों उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर और राजभूषण चौधरी भी मौजूद रहे। बैठक में सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में तुरंत जनसंपर्क अभियान तेज करने और प्रचार में जुटने के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना यह है कि जदयू अपने बागी विधायक अनंत सिंह पर क्या और कब कार्रवाई करती है।





