पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार में सत्ता के समीकरण बदलने के बाद अब प्रशासनिक मशीनरी में बड़ा बदलाव सामने आया है। सम्राट चौधरी सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत मुख्यमंत्री कार्यालय के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल रहे रिटायर्ड आईएएस अफसर दीपक कुमार को उनके पद से हटा दिया है। उन्हें अब बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी बीएसडीएमए का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जहां उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा। इस बदलाव को राज्य के प्रशासनिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है।
दीपक कुमार 1984 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने कई जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली और स्वास्थ्य, नगर विकास, पर्यटन, सामान्य प्रशासन तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला। वह 31 मई 2018 को बिहार के मुख्य सचिव बने थे और फरवरी 2021 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रधान सचिव बनाया गया था, जिसके बाद से वह लगातार सीएमओ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।

नीतीश के सबसे भरोसेमंद अफसरों में गिनती
प्रशासनिक हलकों में दीपक कुमार को नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद और करीबी अधिकारियों में गिना जाता रहा है। साल 2005 में नीतीश कुमार के सत्ता संभालने के बाद से ही वह उनकी प्रशासनिक टीम का अहम हिस्सा रहे। साल 2013 में जब वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली गए थे, तब राजनीतिक परिस्थितियों के बदलने पर उन्हें वापस बिहार बुलाया गया और मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात किया गया। कोरोना महामारी के दौरान मुख्य सचिव के रूप में उनके द्वारा संभाले गए प्रशासनिक प्रबंधन की भी काफी चर्चा रही थी।
- 1984 बैच: दीपक कुमार मूल रूप से 1984 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
- मुख्य सचिव: वह फरवरी 2021 तक बिहार के मुख्य सचिव के पद पर रहे।
- कैबिनेट दर्जा: नए पद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा।

नई प्रशासनिक टीम को आकार देने की प्रक्रिया
सरकार की ओर से इस तबादले का कोई विस्तृत राजनीतिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह मुख्यमंत्री कार्यालय के पुनर्गठन का हिस्सा है। दीपक कुमार को पूरी तरह से शासन से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें बिहार जैसे बाढ़ प्रभावित राज्य में आपदा प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अनुभव को देखते हुए यह पद उनके प्रशासनिक करियर का अगला चरण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री सचिवालय अपनी नई प्रशासनिक टीम को किस प्रकार पूरी तरह से आकार देता है।





