बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर राजभवन मार्च निकाला। इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर भारी हंगामा और पुलिस के साथ तीखी झड़प देखने को मिली। पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर निकले इस जुलूस को जब पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकने का प्रयास किया, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। गांधी मैदान के पास स्थित जेपी गोलंबर से लेकर डाकबंगला चौराहे तक प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस बल के बीच लंबे समय तक खींचतान चलती रही। स्थिति को अनियंत्रित होता देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का प्रयोग किया और हल्का लाठीचार्ज भी किया, जिससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
गांधी मैदान और जेपी गोलंबर पर बढ़ा तनाव
राजभवन मार्च की शुरुआत ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। प्रदर्शनकारी छात्र नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने गांधी मैदान के समीप जेपी गोलंबर पर मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही छात्रों का जुलूस जेपी गोलंबर के पास पहुंचा, वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर शांतिपूर्वक वापस लौटने की अपील की, लेकिन मार्च में शामिल छात्र राजभवन जाने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को हटाने और उसे तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी धक्का-मुक्की शुरू हो गई और मौके पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।

वाटर कैनन का प्रयोग, लाठीचार्ज और थानेदार घायल
प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने के प्रयास और उग्र रुख को देखते हुए पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए सबसे पहले वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ीं। इसके बावजूद जब छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और प्रदर्शन जारी रखा, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करते हुए भीड़ को खदेड़ दिया। इस कार्रवाई और मची अफरातफरी के दौरान जेपी गोलंबर पर हालात और बिगड़ गए। इस भागदौड़ और झड़प के क्रम में गांधी मैदान के थानेदार का सिर फट गया, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी छात्र जेपी गोलंबर से हटकर डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गए और वहां जाकर डट गए। डाकबंगला चौराहे पर भी एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद था और बैरिकेडिंग की गई थी। पूरे घटनाक्रम के दौरान गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे के आसपास काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाया गया।

छात्रों की प्रमुख मांगें
राजभवन मार्च में शामिल छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अपनी मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि:
- फास्ट ट्रैक जांच: देशभर में हाल के दिनों में सामने आए विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों की त्वरित और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- भ्रष्टाचार पर रोक: देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए।
- निजीकरण पर कार्रवाई: शिक्षा के तेजी से हो रहे निजीकरण के खिलाफ सख्त और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: हालिया भर्ती परीक्षा विवादों और गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें।
दिल्ली छात्र आंदोलन का समर्थन
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने स्पष्ट किया कि पटना में आयोजित यह राजभवन मार्च दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में भी निकाला गया था। छात्रों का आरोप था कि देश में जहां भी छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, उन पर पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है। इसी दमनकारी नीति के विरोध में पटना में भी सड़कों पर उतरकर विरोध जताया गया। पुलिस की बल प्रयोग कार्रवाई के बाद भी कुछ समय तक छात्र जेपी गोलंबर और आसपास के इलाकों में बने रहे और नारेबाजी करते रहे। अंत में पुलिस की सख्त निगरानी के बीच प्रदर्शन को समाप्त कराया गया और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम बनाए रखे गए।





