बिहार की राजधानी पटना में सोमवार, 10 अगस्त को 'हर घर तिरंगा अभियान' के तहत एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा की औपचारिक शुरुआत राजधानी के प्रमुख जेपी गोलंबर से हुई, जहां मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता, नेता और समर्थक अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर पहुंचे। देशभक्ति के गगनभेदी नारों और अभूतपूर्व उत्साह के बीच निकली इस यात्रा ने पटना की मुख्य सड़कों पर एक खास देशभक्तिपूर्ण माहौल बना दिया।

पटना के जेपी गोलंबर से हुई यात्रा की शुरुआत
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष तिरंगा यात्रा को लेकर राजधानी में व्यापक तैयारियां की गई थीं। जेपी गोलंबर पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस यात्रा में शिरकत की और तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए जा रहे देशभक्ति के नारों से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा। राजधानी की प्रमुख सड़कों से गुजरती हुई इस यात्रा ने आम नागरिकों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा।

दोनों उपमुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति बनी चर्चा का केंद्र
हालांकि, देशभक्ति के इस भव्य माहौल के बीच राजनीतिक गलियारों में एक अलग ही प्रशासनिक व राजनीतिक चर्चा देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल और मुख्य मंच पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी दर्ज नहीं की गई। तिरंगा यात्रा की शुरुआत से लेकर कार्यक्रम के आगे बढ़ने तक दोनों डिप्टी सीएम नजर नहीं आए। इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्रियों के शामिल न होने पर वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
कार्यक्रम स्थल पर हो रही चर्चाओं के अनुसार, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी के अनुपस्थित रहने का कारण उनका फिलहाल राजधानी पटना से बाहर होना बताया जा रहा है। पटना में मौजूद न रहने की वजह से वे इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सके। वहीं, दूसरे उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव के कार्यक्रम में न पहुंचने को लेकर उनके अधिक उम्र होने की वजह से शामिल न हो पाने की बातें सामने आईं। हालांकि, विजेंद्र यादव के तिरंगा यात्रा में न आने को लेकर कोई भी आधिकारिक वजह या प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

मंच पर दिखे मंत्री अशोक चौधरी, अन्य नेताओं पर रही नजर
दोनों उपमुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी के बीच मंच पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे। मंत्री अशोक चौधरी मंच पर उपस्थित नजर आए और उन्होंने तिरंगा यात्रा से जुड़े संपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर मौजूद अन्य वरिष्ठ नेताओं को लेकर भी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लोगों की नजर लगातार बनी रही।

देर से पहुंचे मंत्रियों को सुरक्षाकर्मियों ने गेट पर रोका
इसी तिरंगा यात्रा कार्यक्रम के दौरान एक और दिलचस्प स्थिति उत्पन्न हो गई, जब सरकार के दो अन्य मंत्री - मंत्री दिलीप जायसवाल और मंत्री मिथिलेश तिवारी कार्यक्रम स्थल पर देरी से पहुंचे। जब ये दोनों मंत्री स्थल पर पहुंचे, तो वहां तैनात सुरक्षा व्यवस्था और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण उन्हें तुरंत अंदर प्रवेश नहीं मिल सका।
कार्यक्रम स्थल के मुख्य द्वार पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल प्रभाव से गेट खोलने से इनकार कर दिया। इसके चलते दोनों मंत्रियों को कुछ देर तक गेट के बाहर ही खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने मंत्रियों से स्पष्ट रूप से कहा कि फिलहाल सुरक्षा कारणों से गेट नहीं खोला जाएगा। काफी देर तक बाहर खड़े रहने और इंतजार करने के बाद, आखिरकार दोनों मंत्रियों के लिए गेट खोला गया और वे कार्यक्रम स्थल के अंदर प्रवेश कर सके।





