सारण और रोहतास के बाद अधिकारी निशांत गुंजन ने सोमवार को वैशाली में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के रूप में आधिकारिक रूप से योगदान दिया। पदभार ग्रहण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार और डीपीओ संतोष कुमार सहित कई अधिकारियों और शिक्षक संगठनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के भीतर प्रशासनिक सुधारों और शिक्षक कल्याण से जुड़ी प्राथमिकताओं पर व्यापक चर्चा की गई। वैशाली जिले के प्रशासनिक ढांचे में इस नए पदस्थापन को शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सारण और रोहतास के अनुभवों का प्रशासनिक ढांचा
बिहार के शिक्षा प्रशासन में प्रशासनिक कसावट और पारदर्शी कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले निशांत गुंजन का पिछला कार्यकाल सारण और रोहतास जिलों में चर्चा का विषय रहा है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) के रूप में उन्होंने कई जटिल प्रशासनिक संचिकाओं का निस्तारण किया है।

वेतन और सेवा मामलों का समयबद्ध निष्पादन
विभागीय सूत्रों और शिक्षक प्रतिनिधियों के अनुसार, उनकी कार्यशैली की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- वेतन व एरियर का समयबद्ध भुगतान: उन्होंने शिक्षकों के नियमित वेतन, बकाए एरियर और सेवा संबंधी विभागीय संचिकाओं का निपटारा बिना किसी अनावश्यक देरी के सुनिश्चित कराया।
- पारदर्शी कार्यप्रणाली: प्रशासनिक लालफीताशाही खत्म कर शिक्षक संवर्ग के बीच भरोसा कायम किया, जिसकी गूंज रोहतास जिले में भी उनके कार्यकाल के दौरान स्पष्ट रूप से सुनाई दी।
- वैशाली में उम्मीदें: अब वैशाली जिले के शिक्षक समाज को भी उनसे भारी अपेक्षाएं हैं कि वे वहां भी सेवांत लाभ और वेतन विसंगति जैसे संवेदनशील मामलों को तय समय-सीमा के भीतर हल करेंगे।
एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान विधान परिषद सदस्य (MLC) अफाक़ अहमद के प्रतिनिधि डॉ. ज़फर हुसैन ने शिक्षा विभाग के तेजतर्रार अधिकारी निशांत गुंजन की कार्यशैली की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सारण जिले में अपने पदस्थापन के दौरान निशांत गुंजन ने शिक्षकों की वर्षों से लंबित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया।
वैशाली में ज़मीनी असर और शिक्षक संघों की अपेक्षाएं
निशांत गुंजन के वैशाली में कार्यभार संभालने के बाद जिले के शिक्षक संगठनों और कर्मियों में सकारात्मक ऊर्जा देखी जा रही है। पदभार ग्रहण समारोह के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) संतोष कुमार सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक नेता मौजूद रहे। सभी ने नवपदस्थापित डीपीओ का अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और फूलमाला भेंट कर अभिनंदन किया।

इस मौके पर उपस्थित प्रमुख शिक्षक नेताओं में मो. ज़हीर हुसैन, कुमार मुनन, कुमार शैलेश, प्रमोद कुमार 'पप्पू', परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, सारण के महासचिव संजय यादव, असरारूल हक़, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ, वैशाली के जिला सचिव आभास सौरभ, इमरान आलम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में यह उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार आएगा और शिक्षकों के व्यक्तिगत व सेवा से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी पर विराम लगेगा।
आगामी विभागीय कदम और प्राथमिकताएं
पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद नवपदस्थापित डीपीओ निशांत गुंजन ने अपनी प्राथमिकताओं का खाका स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षकों से जुड़े मामलों के निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी ताकि किसी भी शिक्षक को अपने वैध कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी ढंग से कार्य किया जाएगा। अब वैशाली जिला शिक्षा कार्यालय इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप लंबित मामलों की समीक्षा बैठकें आयोजित करने और समय-बद्ध निस्तारण की अगली प्रशासनिक प्रक्रिया की ओर बढ़ रहा है।





