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Neet Paper Leak पर मोदी सरकार सख्त, 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान

By | Published: 24 Jul 2026, 05:54 PM
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Neet Paper Leak पर मोदी सरकार सख्त, 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान
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मुख्य बातें

  • पेपर लीक रोधी कड़े कानून के मसौदे को कैबिनेट की मिली मंजूरीNEET पेपर लीक समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही धांधली और गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के ...
  • केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले एक सख्त विधेयक क...
  • इस महत्वपूर्ण कानून के बनने से प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ी रोकने के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार होगी।
  • कैबिनेट से मुहर लगने के बाद अब इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।सख्त सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधानप्रस्तावित कानून में प...

पेपर लीक रोधी कड़े कानून के मसौदे को कैबिनेट की मिली मंजूरी

NEET पेपर लीक समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही धांधली और गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले एक सख्त विधेयक के मसौदे को अपनी मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण कानून के बनने से प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ी रोकने के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार होगी। कैबिनेट से मुहर लगने के बाद अब इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।

सख्त सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान

प्रस्तावित कानून में पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली करने वाले दोषियों के लिए बेहद कड़े दंडात्मक कदम उठाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस नए विधेयक में पेपर लीक के दोषियों को 10 साल तक की जेल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार की यह पहल ऐसे समय में हुई है जब देशभर में छात्र पेपर लीक के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और संसद के अंदर भी विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है।


प्रधानमंत्री मोदी का संदेश और फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक से ठीक एक दिन पहले, गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन मिनट का एक वीडियो संदेश जारी कर इस संबंध में संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने और दोषियों को कड़ी सजा देने वाले कानून के मसौदे पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट किया था कि पेपर लीक कोई मामूली या साधारण मुद्दा नहीं है। इससे देश के लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के मन को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस समस्या से पूरी सख्ती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक अभेद्य कानूनी ढांचा तैयार कर रही है। इससे पहले गुरुवार सुबह भी प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

नीट मामले में 13 गिरफ्तारियां और शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव

प्रतियोगी परीक्षाओं में कार्रवाई के तहत नीट पेपर लीक मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय में भी एक अहम प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है। उन्होंने विनीत जोशी का स्थान लिया है।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब सभी की निगाहें संसद के आगामी सत्र पर टिकी हैं, जहां इस विधेयक को पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह नया कानून पास होने के बाद परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाएगा।

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