सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ली चुटकी
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने सैमुअल के इस दावे पर जमकर चुटकी ली है। कई लोगों ने लिखा कि यदि आलू भुजिया से अस्थमा ठीक हो सकता है, तो गोलगप्पा या च्यवनप्राश खाने से इंसान सुपरमैन भी बन सकता है। नेटिजन्स का कहना है कि प्रोसेस्ड फूड सेहत के लिए आमतौर पर अच्छे नहीं माने जाते, ऐसे में उन्हें इस बात पर यकीन करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने इस बात पर सहमति भी जताई कि भारतीय मसालों और जड़ी-बूटियों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले प्राकृतिक गुण जरूर होते हैं।

चिकित्सकीय विशेषज्ञों की क्या है राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल साइंस के मुताबिक भारतीय रसोई के मसाले पाचन और इम्युनिटी के लिहाज से बेहद फायदेमंद होते हैं। हल्दी, जीरा और पुदीना जैसे घटक शरीर को आंतरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, लेकिन पैकेटबंद आलू भुजिया एक प्रोसेस्ड फूड श्रेणी में आता है। चिकित्सक स्पष्ट करते हैं कि इस तरह के खाद्य पदार्थों से अस्थमा या किसी गंभीर बीमारी के ठीक होने का दावा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है।
डॉक्टरों के अनुसार अस्थमा जैसी सांस की पुरानी बीमारी को नियंत्रण में रखने के लिए इनहेलर और नियमित चिकित्सीय सलाह ही सबसे प्रभावी तरीका है। धूल, धुआं, प्रदूषण और अन्य एलर्जिक तत्वों से दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। किसी भी व्यक्तिगत अनुभव या सोशल मीडिया पर किए गए दावों को आधिकारिक मेडिकल इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि यह महज एक व्यक्ति का व्यक्तिगत अनुभव हो सकता है जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।





