Breaking
Education

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में क्या लिखा जानिए

By | Published: 25 Jul 2026, 02:56 PM
👁 48 views
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में क्या लिखा जानिए
Share:

मुख्य बातें

  • देश भर में नीट यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई अनियमितता और दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।
  • उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है।
  • देश के युवाओं और प्रधानमंत्री के नाम लिखे खत में धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उनका मन अत्यंत दुखी था, जिसके बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।न...

देश भर में नीट यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई अनियमितता और दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। देश के युवाओं और प्रधानमंत्री के नाम लिखे खत में धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उनका मन अत्यंत दुखी था, जिसके बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।

नीट-यूजी परीक्षा में धांधली और जांच का घटनाक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने उल्लेख किया कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितता की बात सामने आते ही केंद्र सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तुरंत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई, परीक्षा को रद्द किया गया और पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही छात्रों के व्यापक हित में अगले वर्ष से इस परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।


20 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य और प्रशासनिक व्यवस्था

अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि इस पूरी स्थिति के दौरान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता 20 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखना और परीक्षा का सुचारू आयोजन कराना था। इसके लिए 'होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच' (Whole of Government Approach) के तहत काम किया गया, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई। छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को परीक्षा संपन्न हुई। इसके बाद 16 जुलाई 2026 को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें गरीब और वंचित वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को सफलता मिली।

'10 दिनों के घटनाक्रम से दुखी था मन' - इस्तीफे के मुख्य बिंदु

धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मामले के पहले दिन से ही नैतिक जिम्मेदारी ली थी और किसी भी स्थिति से मुंह नहीं मोड़ा। उनका संकल्प था कि परीक्षा माफिया की वजह से किसी भी मेधावी छात्र का नुकसान न हो। हालांकि, इस दौरान जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ व्यक्तियों द्वारा छात्रों को गुमराह करने और बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की गई, जिससे उनका मन व्यथित हुआ।

पत्र में उन्होंने अपने इस्तीफे के मुख्य कारण इस प्रकार बताए:

  • चार दशकों का समर्पण: वे पिछले 40 से अधिक वर्षों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहे हैं और युवाओं की न्यायोचित अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं।
  • 10 दिनों की स्थिति: पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम को देखकर उनका मन बहुत दुखी था और यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं है।
  • राष्ट्रविरोधी ताकतों से बचाव: जंतर-मंतर और देश में उत्पन्न हुई वर्तमान स्थिति का कोई राष्ट्रविरोधी तत्व गलत फायदा न उठा सकें और देश की एकता बनी रहे, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।
  • छात्रों के करियर पर ध्यान: देश का कोई भी विद्यार्थी कानूनी पेचीदगियों में न उलझे और छात्र अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसी उद्देश्य से त्यागपत्र सौंपा गया है।

प्रधानमंत्री का आभार और भविष्य का संकल्प

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने मार्गदर्शन, अटूट विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और शिक्षा मंत्रालय के सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभु श्री जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से वे भविष्य में भी देश की जनता, ओडिशा के निवासियों और भारत की युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समर्पित रहेंगे।

Read This Also