गया जी में पितृपक्ष मेले का शुभारंभ हो चुका है और देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे हैं। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मंच से अपने पिता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा एक पुराना संस्मरण सुनाया। इस दौरान निशांत कुमार ने बताया कि किस तरह एक फ्लाइट यात्रा के दौरान एक महिला की कही बात ने नीतीश कुमार का ध्यान गया जी की व्यवस्थाओं की ओर खींचा था। निशांत कुमार ने अपने पिता को याद करते हुए बताया कि नीतीश कुमार ने उन्हें कई बार इस घटना के बारे में बताया था। निशांत के मुताबिक, एक बार नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे थे। इसी दौरान फ्लाइट में उनकी मुलाकात एक महिला से हुई। बातचीत के दौरान महिला ने गया जी से जुड़ी अपनी परेशानी साझा की।
महिला ने कहा था कि वह गया जी आती हैं, लेकिन यहां की व्यवस्था उन्हें अच्छी नहीं लगती। निशांत कुमार के मुताबिक, महिला की बात सुनने के बाद नीतीश कुमार ने उनसे कहा कि उन्हें इस समस्या की पूरी जानकारी नहीं थी और वह गया जी की व्यवस्था को बेहतर करने पर ध्यान देंगे। निशांत ने बताया कि इस बातचीत के बाद गया जी की व्यवस्थाओं को लेकर नीतीश कुमार ने विशेष ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने गया जी का दौरा किया और यहां श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया। निशांत कुमार के अनुसार, समय के साथ गया जी की तस्वीर बदलती गई और यहां आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी सुविधाओं का विस्तार हुआ।

मंच से संस्मरण सुनाते हुए निशांत कुमार ने गया जी में गंगा नदी के पानी की व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गया जी में सुविधाओं को बेहतर बनाने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ती रही। उनके मुताबिक, आज पितृपक्ष के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए कई तरह की व्यवस्थाएं की जाती हैं। पितृपक्ष मेला गया जी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने के लिए यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से रहने, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल, सहायता केंद्र और अन्य जरूरी इंतजाम किए जाते हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी गया जी पहुंचे और पितृपक्ष मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने गया जी में बनाए गए टेंट सिटी का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। हेल्प डेस्क, स्वास्थ्य सुविधाओं और दूसरे इंतजामों के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली गई।

निशांत कुमार ने कहा कि गया जी के विकास की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में गया जी में आने वाले समय में और विकास कार्य किए जाएंगे। उनका कहना था कि गया जी सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं है, बल्कि देश-दुनिया से आने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण स्थान है। अपने पिता नीतीश कुमार से जुड़े इस संस्मरण को साझा करते हुए निशांत कुमार ने गया जी में हुए बदलाव का जिक्र किया। एक फ्लाइट में हुई बातचीत से शुरू हुआ यह किस्सा आज गया जी में श्रद्धालुओं के लिए बढ़ती सुविधाओं से जोड़कर देखा गया।

पितृपक्ष मेले के बीच निशांत कुमार का यह संस्मरण इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि उन्होंने मंच से अपने पिता को याद करते हुए उस पुराने अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि एक महिला की शिकायत ने नीतीश कुमार का ध्यान गया जी की व्यवस्थाओं की तरफ खींचा और इसके बाद यहां सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया गया। अब पितृपक्ष मेले के दौरान गया जी में श्रद्धालुओं के लिए किए गए इंतजामों पर प्रशासन की नजर है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। आने वाले दिनों में मेले में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।





