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बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों का वेतन सत्यापन अनिवार्य, 20 जुलाई तक पूरा करना होगा काम

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बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों का वेतन सत्यापन अनिवार्य, 20 जुलाई तक पूरा करना होगा काम
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मुख्य बातें

  • बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है।
  • सभी संबंधित कर्मियों को आगामी 20 जुलाई तक अपना वेतन सत्यापन अनिवार्य रूप से पूरा कराना होगा।
  • राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन सत्यापन यानी सैलरी वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया है।
  • इसको लेकर सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। सभी संबंधित कर्मियों को आगामी 20 जुलाई तक अपना वेतन सत्यापन अनिवार्य रूप से पूरा कराना होगा।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन सत्यापन यानी सैलरी वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया है। इसको लेकर सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सबसे अहम बात यह है कि 20 जुलाई तक वेतन सत्यापन का काम पूरा करने को कहा गया है। अगर कोई शिक्षक या कर्मचारी तय समय तक अपना वेतन सत्यापन नहीं कराता है, तो उसका वेतन रोका जा सकता है। यानी अगर इस प्रक्रिया को हल्के में लिया जाता है, तो अगले महीने की सैलरी मिलने में परेशानी हो सकती है। इसलिए सभी संबंधित कर्मचारियों और शिक्षकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने विश्वविद्यालय से संपर्क करें और समय रहते अपना वेतन सत्यापन पूरा करा लें।

बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों का वेतन सत्यापन अनिवार्य, 20 जुलाई तक पूरा करना होगा काम

वेतन सत्यापन और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए नए निर्देश

राजभवन द्वारा प्रतिनिधियों की नियुक्ति और ईमेल व्यवस्था

इस काम को तेजी से पूरा कराने के लिए राजभवन की ओर से हर विश्वविद्यालय के लिए एक-एक प्रतिनिधि नामित किया जाएगा। इन प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होगी कि वे वेतन सत्यापन से जुड़े लंबित मामलों का तेजी से निपटारा कराएं और हर दिन इसकी समीक्षा भी करें। इसका उद्देश्य यही है कि किसी भी शिक्षक या कर्मचारी का मामला लंबित न रहे और समय पर पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाए।

इसी के साथ राज्यपाल सचिवालय की ओर से एक और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। अब विश्वविद्यालयों को नियम, अध्यादेश, विनियम और पाठ्यक्रम से जुड़े सभी प्रस्ताव केवल एक विशेष ईमेल आईडी पर ही भेजने होंगे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि अभी तक कई विश्वविद्यालय अलग-अलग ईमेल आईडी पर प्रस्ताव भेज देते थे, जिस वजह से प्रस्तावों की समय पर ट्रैकिंग करना मुश्किल होता था और कई मामलों में कार्रवाई में देरी होती थी।

बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों का वेतन सत्यापन अनिवार्य, 20 जुलाई तक पूरा करना होगा काम

इसी परेशानी को खत्म करने के लिए अब एक निर्धारित ईमेल आईडी तय की गई है। अब से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति और कुलसचिव नियमों, अध्यादेशों, विनियमों और पाठ्यक्रम से जुड़े सभी प्रस्ताव केवल उसी अधिकृत ईमेल आईडी पर भेजेंगे। अगर कोई विश्वविद्यालय किसी दूसरी ईमेल आईडी पर प्रस्ताव भेजता है, तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय की होगी। प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि सभी जरूरी प्रस्ताव समय पर स्वीकृति के लिए पहुंच सकें।

बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों का वेतन सत्यापन अनिवार्य, 20 जुलाई तक पूरा करना होगा काम

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