Breaking
BIHAR

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर | 20 जुलाई तक करें ये काम, नहीं तो रुक सकती है सैलरी

By | Published: 07 Jul 2026, 07:51 AM
👁 69 views
बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर | 20 जुलाई तक करें ये काम, नहीं तो रुक सकती है सैलरी
Share:

मुख्य बातें

  • अगर आप बिहार के किसी विश्वविद्यालय या अंगीभूत कॉलेज में कार्यरत शिक्षक या कर्मचारी हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
  • एक ऐसा काम है जिसे आपको 20 जुलाई तक हर हाल में पूरा करना होगा।
  • अगर ऐसा नहीं किया, तो आपका वेतन रुक सकता है।
  • बिहार के विश्वविद्यालयों में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए यह बड़ी जरूरी खबर सामने आई है।राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने सभी विश्वविद्यालयों और...

अगर आप बिहार के किसी विश्वविद्यालय या अंगीभूत कॉलेज में कार्यरत शिक्षक या कर्मचारी हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। एक ऐसा काम है जिसे आपको 20 जुलाई तक हर हाल में पूरा करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया, तो आपका वेतन रुक सकता है। बिहार के विश्वविद्यालयों में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए यह बड़ी जरूरी खबर सामने आई है।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने सभी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन सत्यापन यानी सैलरी वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया है। इसको लेकर सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सबसे अहम बात यह है कि 20 जुलाई तक वेतन सत्यापन का काम पूरा करने को कहा गया है।


अगर कोई शिक्षक या कर्मचारी तय समय तक अपना वेतन सत्यापन नहीं कराता है, तो उसका वेतन रोका जा सकता है। यानी अगर आप इस प्रक्रिया को हल्के में लेते हैं, तो अगले महीने की सैलरी मिलने में परेशानी हो सकती है। इसलिए सभी संबंधित कर्मचारियों और शिक्षकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने विश्वविद्यालय से संपर्क करें और समय रहते अपना वेतन सत्यापन पूरा करा लें।

अब बात करते हैं कि इस काम को पूरा कराने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। राजभवन की ओर से हर विश्वविद्यालय के लिए एक-एक प्रतिनिधि नामित किया जाएगा। इन प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होगी कि वे वेतन सत्यापन से जुड़े लंबित मामलों का तेजी से निपटारा कराएं और हर दिन इसकी समीक्षा भी करें। इसका उद्देश्य यही है कि किसी भी शिक्षक या कर्मचारी का मामला लंबित न रहे और समय पर पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाए।


यानी इस बार प्रशासन भी चाहता है कि काम में देरी न हो और सभी लोगों का सत्यापन तय समय के अंदर पूरा हो जाए। इसी के साथ राज्यपाल सचिवालय की ओर से एक और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। अब विश्वविद्यालयों को नियम, अध्यादेश, विनियम और पाठ्यक्रम से जुड़े सभी प्रस्ताव केवल एक विशेष ईमेल आईडी पर ही भेजने होंगे।

राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि अभी तक कई विश्वविद्यालय अलग-अलग ईमेल आईडी पर प्रस्ताव भेज देते थे। इस वजह से प्रस्तावों की समय पर ट्रैकिंग करना मुश्किल हो जाता था और कई मामलों में कार्रवाई में देरी होती थी।

इसी परेशानी को खत्म करने के लिए अब एक निर्धारित ईमेल आईडी तय की गई है। अब से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति और कुलसचिव नियमों, अध्यादेशों, विनियमों और पाठ्यक्रम से जुड़े सभी प्रस्ताव केवल उसी अधिकृत ईमेल आईडी पर भेजेंगे।


अगर कोई विश्वविद्यालय किसी दूसरी ईमेल आईडी पर प्रस्ताव भेजता है, तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय की होगी।

इस फैसले का मकसद प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाना है, ताकि सभी जरूरी प्रस्ताव समय पर स्वीकृति के लिए पहुंच सकें और उन पर जल्दी फैसला लिया जा सके। फिलहाल सबसे जरूरी बात यही है कि अगर आप बिहार के किसी विश्वविद्यालय या अंगीभूत कॉलेज में शिक्षक या कर्मचारी हैं, तो 20 जुलाई की अंतिम तारीख को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। समय रहते अपना वेतन सत्यापन जरूर पूरा करा लें, ताकि आपकी सैलरी बिना किसी रुकावट के मिलती रहे।


Read This Also