बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़ा कर्ज
बिहार सरकार ने राज्य में सड़क और पुल निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 21 हजार करोड़ रुपये का बड़ा लोन लेने का फैसला किया है। सरकार का यह कदम राज्य के पथ निर्माण विभाग के जरिए उठाया जा रहा है ताकि पैसों की कमी के कारण कोई भी बुनियादी ढांचा परियोजना रुके नहीं। इस पूरी योजना के तहत मिलने वाली राशि का आवंटन विभिन्न निगमों को किया जाएगा, जिससे उत्तर बिहार सहित पूरे राज्य में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

वित्तीय आवंटन और चुकाने की योजना
इस 21 हजार करोड़ रुपये के लोन में से 15 हजार करोड़ रुपये बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDCL) को दिए जाएंगे, जबकि 6 हजार करोड़ रुपये बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को मिलेंगे। सरकार द्वारा लिए जा रहे इस कर्ज को 25 साल की अवधि में ब्याज समेत वापस चुकाया जाएगा। इस लोन की किस्तें चुकाने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि सड़कों और पुलों पर वसूले जाने वाले टोल टैक्स के पैसों का उपयोग किया जाएगा, जिससे आम जनता पर इसका वित्तीय प्रभाव पड़ेगा।

मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्य
इस फैसले का सबसे बड़ा असर मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिलेगा, जहां कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। अखाड़ाघाट पुल का निर्माण तेजी से आगे बढ़ेगा और दादर पुल का नया निर्माण तथा पुराने दादर पुल की मरम्मत का कार्य पूरा किया जाएगा। माड़ीपुर आरओबी की मरम्मत से शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, पारू प्रखंड के फतेहाबाद में बूढ़ी गंडक नदी पर लगभग 3 किलोमीटर लंबे महासेतु के निर्माण पर करीब 5 अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है। हथौड़ी-अतरार-बभनगामा-औराई सड़क परियोजना के लिए जिनकी जमीन अधिग्रहित की गई है, उन किसानों को बैंक से फंड मिलते ही मुआवजा देने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।






