बिहार में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार द्वारा शुरू किए गए एकीकृत डिजिटल रोजगार प्लेटफॉर्म को लेकर बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने इसका स्वागत किया है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं खोलने वाली पहल बताया है।
मंगल पांडेय ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल तकनीक हर क्षेत्र में बदलाव का माध्यम बन चुकी है। ऐसे समय में रोजगार व्यवस्था को भी तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल रोजगार प्लेटफॉर्म के जरिए बेरोजगार युवाओं, निजी उद्योगों और विभिन्न नियोक्ताओं को एक ही मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। इससे रोजगार प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियान लगातार युवाओं को नई दिशा दे रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके कौशल को नई पहचान देना भी है। आज भारत का युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर देश ही नहीं बल्कि दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।

मंगल पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण रोजगार और स्वरोजगार के कई नए अवसर विकसित हुए हैं। डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग से अब नौकरी ढूंढ़ने और योग्य उम्मीदवारों तक पहुंचने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है।
उन्होंने बिहार सरकार की इस नई पहल की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया यह डिजिटल रोजगार प्लेटफॉर्म युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक और उपयोगी कदम है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी लगातार मार्गदर्शन मिलता रहा है, जिससे राज्य में रोजगार संबंधी योजनाओं को मजबूती मिली है।
इस पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि युवा अपनी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी दक्षता और कौशल के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें निजी कंपनियों में उपलब्ध रिक्त पदों की जानकारी मिलेगी और वे सीधे उन्हीं पदों के लिए आवेदन भी कर सकेंगे। इतना ही नहीं, पोर्टल के माध्यम से रोजगार मेलों की जानकारी, करियर काउंसलिंग और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। इससे युवाओं को अपनी योग्यता के अनुसार बेहतर रोजगार तलाशने में आसानी होगी।

मंगल पांडेय ने कहा कि बदलते समय में रोजगार के अवसरों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्लेटफॉर्म युवाओं और उद्योग जगत के बीच की दूरी को कम करेगा। इससे निजी कंपनियों को योग्य और प्रशिक्षित उम्मीदवार आसानी से मिलेंगे, वहीं युवाओं को भी अपनी क्षमता के अनुरूप रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने राज्य के युवाओं से अपील की कि वे इस डिजिटल रोजगार प्लेटफॉर्म पर अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कर सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं। उनका कहना था कि यदि युवा इस मंच का प्रभावी ढंग से उपयोग करेंगे तो रोजगार की संभावनाएं और भी बढ़ेंगी तथा निजी क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त करना आसान होगा।
मंगल पांडेय ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बिहार में रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में लगातार नए अवसर विकसित हो रहे हैं। आने वाले समय में इन पहलों का लाभ बड़ी संख्या में युवाओं तक पहुंचेगा और राज्य की आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल तकनीक आधारित यह रोजगार प्लेटफॉर्म बिहार के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह राज्य में रोजगार व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर बिहार को विकास और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना भी है।





