पटना: बिहार में छात्रों के आंदोलन को लेकर माहौल लगातार गरम बना हुआ है। नीट पेपर लीक मामले और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों ने अपना प्रदर्शन तेज कर दिया है। इसी कड़ी में आज यानी 24 जुलाई को कई छात्र संगठनों ने पूरे राज्य में 'प्रतिरोध दिवस' मनाने की अपील की है। वहीं, 25 जुलाई को पूरे राज्य में 'बिहार बंद' का ऐलान किया गया है। राज्य में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजधानी पटना समेत कई जिलों में आज भी विरोध प्रदर्शन होने की पूरी संभावना है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
25 जुलाई को बिहार बंद का ऐलान और संगठनों की अपील
आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। छात्र संगठनों का कहना है कि पटना में लोकभवन मार्च के दौरान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। इसी पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में अब राज्यव्यापी बंद का फैसला लिया गया है।
संगठनों ने राज्य के छात्रों, युवाओं और आम जनता से अपील की है कि वे आगे आएं और शांतिपूर्ण तथा लोकतांत्रिक तरीके से इस बंद को सफल बनाएं। आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने दावा किया है कि पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में सैकड़ों छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। संगठन ने 22 जुलाई के दिन को 'ब्लैक डे' बताया है। आइसा का कहना है कि यह आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में इसे और अधिक उग्र तथा व्यापक बनाया जाएगा।
छात्रों की प्रमुख मांगें और खगोल में आक्रोश मार्च
छात्रों का यह आक्रोश केवल पटना तक सीमित नहीं है। इससे पहले भी पटना और राज्य के अन्य इलाकों में छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। खगोल क्षेत्र में छात्र-छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने केंद्र और राज्य सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं:
- नीट पेपर लीक मामला: नीट (NEET) पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की जाए।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार: राज्य और देश की शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।
- परीक्षा प्रणाली में बदलाव: भविष्य की परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली को बेहतर किया जाए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: नीट मामले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
- दिल्ली पुलिस कार्रवाई का विरोध: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध दर्ज कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई: 117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी
दूसरी ओर, 22 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर बिहार पुलिस ने अपनी जांच और कार्रवाई काफी तेज कर दी है। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और वीडियो फुटेज की गहन पड़ताल के बाद 117 संदिग्ध लोगों की तस्वीरें जारी की हैं।
इन संदिग्धों की पहचान करने और उनकी जल्द गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले और हिंसा फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
विधानसभा का मानसून सत्र और जवानों की छुट्टियां रद्द
आज बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का आखिरी दिन भी है। इस वजह से प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। पटना के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना या अव्यवस्था न फैले।
राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने भी एक बड़ा फैसला लिया है। आज से राज्यभर में पुलिस अधिकारियों और जवानों की सभी प्रकार की छुट्टियां अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, केवल बेहद जरूरी और विशेष परिस्थितियों में ही छुट्टी दी जाएगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य राज्य में शांति व्यवस्था कायम रखना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। फिलहाल सभी की नजरें आज के प्रदर्शनों और 25 जुलाई के बिहार बंद पर टिकी हुई हैं।





