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सोनम वांगचुक का अस्पताल से पहला संदेश: 20 जुलाई को होगा आजादी का दूसरा बड़ा आंदोलन

By | Published: 19 Jul 2026, 01:39 PM
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सोनम वांगचुक का अस्पताल से पहला संदेश: 20 जुलाई को होगा आजादी का दूसरा बड़ा आंदोलन
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मुख्य बातें

  • सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक का पहला संदेशदिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य ब...
  • अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है।
  • इस बीच, उन्होंने अस्पताल से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है।
  • अपने इस संदेश में उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च का समर्थन करते हुए इसे 'आजादी का दूसरा आंदोलन' करार दिया है।'आजादी का दूसरा आंदोलन' और संसद मार्च की अपीलसो...

सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक का पहला संदेश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है। इस बीच, उन्होंने अस्पताल से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है। अपने इस संदेश में उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च का समर्थन करते हुए इसे 'आजादी का दूसरा आंदोलन' करार दिया है।


'आजादी का दूसरा आंदोलन' और संसद मार्च की अपील

सोनम वांगचुक ने आज  सुबह अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, '20 जुलाई, आजादी का दूसरा आंदोलन, भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत।' उन्होंने अपने संदेश में आगे लिखा कि यह आंदोलन अन्याय से आजादी (जैसे पेपर लीक) और डर से आजादी (उनकी गैर-कानूनी हिरासत) के लिए है। वांगचुक ने अपने समर्थकों और जनता से अपील की है कि वे संसद तक होने वाले इस मार्च में शामिल होकर इसे एक बड़ी सफलता बनाएं। गौरतलब है कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस संसद मार्च का आह्वान किया है।


स्वास्थ्य बुलेटिन: डॉक्टरों की निगरानी में वांगचुक

वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल ने रविवार को सोनम वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन जारी किया। बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक को अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है। वर्तमान में उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं, हालांकि उनके ब्लड पैरामीटर में थोड़ा बदलाव देखा गया है।

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक उपवास रखने के कारण उनके शरीर पर पड़ने वाले तनाव और प्रभाव को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की कड़ी निगरानी में रखा गया है। सफदरजंग अस्पताल और एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों का मानना है कि किसी भी संभावित जटिलता का तुरंत पता लगाने और उसे संभालने के लिए 24 घंटे क्लिनिकल निगरानी और निरंतर चिकित्सा उपचार बेहद जरूरी है। डॉक्टरों ने उन्हें अनशन तोड़ने की सलाह दी है, लेकिन वांगचुक इसके लिए तैयार नहीं हैं।


क्यों अनशन पर बैठे हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक कथित नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वह कॉकरोच जनता पार्टी के उस आंदोलन में शामिल हुए हैं, जो 6 जून से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वांगचुक ने इस आंदोलन के समर्थन में 28 जून से औपचारिक रूप से अपना आमरण अनशन शुरू किया था।

शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस की टीम ने उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। वांगचुक को इस तरह अस्पताल में भर्ती कराए जाने का विपक्ष के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ फिल्मी हस्तियों ने कड़ा विरोध किया है।

मुख्य बिंदु और घटनाक्रम

  • भूख हड़ताल की अवधि: सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और उन्होंने 28 जून से औपचारिक आमरण अनशन शुरू किया था।
  • अस्पताल में भर्ती: स्वास्थ्य में गिरावट के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह पर शनिवार तड़के उन्हें सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट किया गया।
  • डॉक्टरों की टीम: सफदरजंग और एम्स के डॉक्टरों की एक संयुक्त मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनकी सेहत पर 24 घंटे नजर रख रही है।
  • आंदोलन का कारण: कथित नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा 6 जून से जारी प्रदर्शन का समर्थन।
  • संसद मार्च: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया गया है, जिसे वांगचुक ने 'आजादी का दूसरा आंदोलन' कहा है।

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