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प्रशांत किशोर और डॉ. जाह्नवी दास की कहानी: संयुक्त राष्ट्र से शुरू हुई थी लव स्टोरी

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प्रशांत किशोर और डॉ. जाह्नवी दास की कहानी: संयुक्त राष्ट्र से शुरू हुई थी लव स्टोरी
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मुख्य बातें

  • बिहार की राजनीति में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की पहचान एक बेहतरीन चुनावी रणनीतिकार और नेता के तौर पर है।
  • जाह्नवी दास की चर्चा भी काफी बढ़ गई है, जिन्हें लोग उनके निजी जीवन और सफर के जरिए जानना चाहते हैं।
  • हर सफल इंसान की जिंदगी के पीछे एक ऐसा साथी होता है जो खुद सुर्खियों से दूर रहकर उसकी सबसे बड़ी ताकत बनता है।
  • जाह्नवी दास मूल रूप से असम के गुवाहाटी की रहने वाली हैं।

प्रशांत किशोर और डॉ. जाह्नवी दास की कहानी: संयुक्त राष्ट्र से शुरू हुई थी लव स्टोरी

प्रशांत किशोर और डॉ. जाह्नवी दास की कहानी: संयुक्त राष्ट्र से शुरू हुई थी लव स्टोरी

बिहार की राजनीति में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की पहचान एक बेहतरीन चुनावी रणनीतिकार और नेता के तौर पर है। उनकी जीत के साथ-साथ इन दिनों उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास की चर्चा भी काफी बढ़ गई है, जिन्हें लोग उनके निजी जीवन और सफर के जरिए जानना चाहते हैं।

हर सफल इंसान की जिंदगी के पीछे एक ऐसा साथी होता है जो खुद सुर्खियों से दूर रहकर उसकी सबसे बड़ी ताकत बनता है। डॉ. जाह्नवी दास मूल रूप से असम के गुवाहाटी की रहने वाली हैं। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में लंबे समय तक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य परियोजनाओं के साथ काम किया। उन्होंने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भी अपनी सेवाएं दी थीं।

संयुक्त राष्ट्र के मंच से शुरू हुई थी प्रशांत और जाह्नवी की कहानी

प्रशांत किशोर और डॉ. जाह्नवी दास की पहली मुलाकात किसी राजनीतिक मंच पर नहीं हुई थी। राजनीति में आने से पहले प्रशांत किशोर करीब आठ साल तक संयुक्त राष्ट्र से जुड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों में काम कर चुके हैं। इसी दौरान यूनाइटेड नेशंस के एक स??

प्रशांत किशोर और डॉ. जाह्नवी दास की कहानी: संयुक्त राष्ट्र से शुरू हुई थी लव स्टोरी

?वास्थ्य कार्यक्रम के प्रोजेक्ट पर काम करते वक्त दोनों की पहली मुलाकात हुई थी।

दोस्ती से प्यार और परिवार की खातिर करियर त्यागने का सफर

साथ काम करने के दौरान दोनों की बातचीत बढ़ी जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। शादी के बाद डॉ. जाह्नवी दास ने अपने परिवार को प्राथमिकता देते हुए अपनी मेडिकल प्रैक्टिस से दूरी बना ली ताकि वह परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों को संभाल सकें। प्रशांत किशोर भी कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि अगर उनकी पत्नी परिवार की जिम्मेदारी न संभालतीं, तो वह बिहार में पदयात्रा और राजनीतिक अभियान नहीं चला पाते।

लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहने वाली डॉ. जाह्नवी दास ने अगस्त 2024 में पटना में आयोजित जन सुराज महिला संवाद कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक मंच पर शिरकत की थी, जहां प्रशांत किशोर ने उन्हें लोगों से मिलवाया था। बांकीपुर विधानसभा सीट से प्रशांत किशोर की जीत के बाद चुनावी हलफनामे में उनकी 111 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का ब्योरा सामने आने पर वह फिर चर्चा में आईं। हालांकि, डॉ. जाह्नवी दास ने साफ कर दिया है कि उनकी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की कोई मंशा नहीं है, लेकिन वह निजी जीवन में प्रशांत किशोर का साथ हमेशा निभाती रहेंगी।

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