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लोकभवन मार्च के दौरान तेजस्वी यादव हिरासत में, SDPO की गाड़ी में बैठाकर ले गई पुलिस

| Published: | Updated:
लोकभवन मार्च के दौरान तेजस्वी यादव हिरासत में, SDPO की गाड़ी में बैठाकर ले गई पुलिस
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मुख्य बातें

  • पटना (खबर डोज़ ब्यूरो) पटना में चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में गुरुवार को महागठबंधन का प्रदर्शन उस समय काफी तनावपूर्ण हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई प्रमुख नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
  • तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता लोकभवन की ओर मार्च कर रहे थे, तभी सचिवालय के पास भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
  • इस दौरान राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बलों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई और माहौल गरमा गया।
  • प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे।

पटना (खबर डोज़ ब्यूरो) पटना में चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में गुरुवार को महागठबंधन का प्रदर्शन उस समय काफी तनावपूर्ण हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई प्रमुख नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता लोकभवन की ओर मार्च कर रहे थे, तभी सचिवालय के पास भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बलों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई और माहौल गरमा गया।

बैरिकेडिंग पार करने पर हुई कार्रवाई

प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी बैरिकेडिंग को तोड़ डाला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की और करीब तीन बैरिकेडिंग पार करने के बाद तेजस्वी यादव को डिटेन कर लिया। उनके साथ विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी को भी हिरासत में ले लिया गया।


हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस दोनों नेताओं को एसडीपीओ की गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगी। इस दौरान तेजस्वी यादव के वाहन के ऊपर विधायक और कई महागठबंधन कार्यकर्ता चढ़ गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। इस पूरे घटनाक्रम के चलते मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति बनी रही।

चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत बिहार से हुई थी और महागठबंधन लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और विपक्ष लंबे समय से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को एक बार फिर दोहराते हुए आरोप लगाया कि आयोग ने भाजपा के दबाव में काम किया है। हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा इन सभी आरोपों को लगातार खारिज करते रहे हैं।

महागठबंधन के अन्य नेता भी रहे शामिल

इस मार्च में राजद, कांग्रेस, माले समेत सभी प्रमुख सहयोगी दलों के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। वहीं, राजद विधायक उर्मिला ठाकुर डफली बजाकर विरोध जताती नजर आईं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम हाथों में हथकड़ी और संविधान की प्रति लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस ने इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया है। पटना के अलावा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर भी महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया।

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