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ब्रेकिंग: अब ई-रिक्शा की बैटरी हैक करना पड़ेगा महंगा! सरकार ने गूगल-एप्पल से 7 ऐप्स हटाने को कहा

By | Published: 07 Jul 2026, 05:33 PM
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ब्रेकिंग: अब ई-रिक्शा की बैटरी हैक करना पड़ेगा महंगा! सरकार ने गूगल-एप्पल से 7 ऐप्स हटाने को कहा
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मुख्य बातें

  • नई दिल्ली: ई-रिक्शा चालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है।
  • भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने उन मोबाइल ऐप्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनका इस्तेमाल ई-रिक्शा की बैटरी को नियंत्र...
  • मंत्रालय ने गूगल (Google) और ऐपल (Apple) को नोटिस जारी कर BAT-BMS, SMART BMS, और LOSSIGY जैसे 7 खतरनाक ऐप्स को अपने ऐप स्टोर से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।क्या है ...
  • इसके अलावा, कई शहरों से ऐसी खबरें भी सामने आईं जहाँ अपराधी किस्म के लोग इन ऐप्स के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा को बंद कर देते थे और फिर मैकेनिक बनकर ड्राइवरों से इसे ठीक कर...

नई दिल्ली: ई-रिक्शा चालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने उन मोबाइल ऐप्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनका इस्तेमाल ई-रिक्शा की बैटरी को नियंत्रित करने या उन्हें बिना वजह बंद करने के लिए किया जा रहा था। मंत्रालय ने गूगल (Google) और ऐपल (Apple) को नोटिस जारी कर BAT-BMS, SMART BMS, और LOSSIGY जैसे 7 खतरनाक ऐप्स को अपने ऐप स्टोर से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।


क्या है पूरा मामला?

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर 'प्रैंक' वीडियोज का चलन बढ़ा है, जिनमें कुछ लोग चलते हुए ई-रिक्शा को अपने फोन से बंद कर दे रहे थे। इसके अलावा, कई शहरों से ऐसी खबरें भी सामने आईं जहाँ अपराधी किस्म के लोग इन ऐप्स के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा को बंद कर देते थे और फिर मैकेनिक बनकर ड्राइवरों से इसे ठीक करने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे।


कैसे काम करते हैं ये खतरनाक ऐप्स?

आजकल के आधुनिक ई-रिक्शा में लिथियम-आयन बैटरियां इस्तेमाल हो रही हैं, जिनमें सुरक्षा के लिए BMS (बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम) लगा होता है। इन बैटरियों में अक्सर ब्लूटूथ कनेक्टिविटी होती है। यदि यह ब्लूटूथ 'अनप्रोटेक्टेड' (बिना पासवर्ड) है, तो कोई भी थर्ड-पार्टी ऐप उससे कनेक्ट हो सकता है।

इन ऐप्स में दिए गए 'ऑफ' बटन का इस्तेमाल कर शरारती तत्व चलती गाड़ी की बैटरी काट देते हैं। इससे गाड़ी अचानक बीच सड़क पर रुक जाती है, जिससे बड़ा सड़क हादसा होने का खतरा बना रहता है।


सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?

यह मामला सिर्फ एक प्रैंक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा (Public Safety) के लिए गंभीर खतरा बन गया था। सरकार का मानना है कि इन ऐप्स का गलत इस्तेमाल न केवल ड्राइवरों की रोजी-रोटी पर प्रहार है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी डिजिटल टूल को भारत में अनुमति नहीं दी जाएगी।


ई-रिक्शा चालकों के लिए जरूरी सावधानियाँ:

अगर आप एक ई-रिक्शा चालक हैं, तो इन सुझावों को गंभीरता से लें:

  1. अनधिकृत ऐप्स का इस्तेमाल बंद करें: अपने फोन में बैटरी से संबंधित कोई भी थर्ड-पार्टी या संदिग्ध ऐप इंस्टॉल न करें।

  2. पासवर्ड बदलें: अपनी बैटरी की ब्लूटूथ सेटिंग को सुरक्षित रखें। यदि संभव हो, तो कंपनी के अधिकृत मैकेनिक से पासवर्ड लगवाएं ताकि कोई अन्य व्यक्ति उससे कनेक्ट न हो सके।

  3. कंपनी के सर्विस सेंटर पर ही जाएं: बैटरी में किसी भी समस्या के लिए हमेशा अधिकृत सर्विस सेंटर या सर्टिफाइड मैकेनिक के पास ही जाएं। सड़क के अनजान मैकेनिकों से सावधानी बरतें।



निष्कर्ष: सरकार का यह कदम ई-रिक्शा चालकों के लिए एक ढाल की तरह काम करेगा। अभी गूगल और एप्पल की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आनी बाकी है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही ये ऐप्स आपके स्मार्टफोन से गायब हो जाएंगे।

क्या आप ऐसी किसी घटना का शिकार हुए हैं? हमें कमेंट बॉक्स में बताएं और इस खबर को अपने ई-रिक्शा ड्राइवर साथियों के साथ साझा जरूर करें।

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