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बेगूसराय के हर्ल कारखाने के पास तेज गंध से स्कूल में बच्चे और शिक्षक बेहाल, गैस रिसाव पर प्रबंधन का इनकार

| Published: | Updated:
बेगूसराय के हर्ल कारखाने के पास तेज गंध से स्कूल में बच्चे और शिक्षक बेहाल, गैस रिसाव पर प्रबंधन का इनकार
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मुख्य बातें

  • बेगूसराय के बीहट रिफाइनरी रोड स्थित हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल) खाद कारखाने के आसपास सोमवार सुबह अचानक तेज दुर्गंध फैलने से स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी मच गई।
  • सुबह करीब नौ बजकर चालीस मिनट पर फैली इस तीखी गंध के कारण बरौनी स्थित यूएमएस तेलशोधक कॉलोनी स्कूल के बच्चे और शिक्षक गंभीर रूप से प्रभावित हुए।
  • कई लोगों ने आंखों में जलन, घुटन और चक्कर आने की शिकायत की, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
  • कारखाने की तरफ से आई इस तेज गंध का असर तुरंत आसपास के रिहायशी इलाकों और दुकानों पर भी दिखा।

बेगूसराय (खबर डोज़ ब्यूरो)। बेगूसराय के बीहट रिफाइनरी रोड स्थित हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल) खाद कारखाने के आसपास सोमवार सुबह अचानक तेज दुर्गंध फैलने से स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब नौ बजकर चालीस मिनट पर फैली इस तीखी गंध के कारण बरौनी स्थित यूएमएस तेलशोधक कॉलोनी स्कूल के बच्चे और शिक्षक गंभीर रूप से प्रभावित हुए। कई लोगों ने आंखों में जलन, घुटन और चक्कर आने की शिकायत की, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कारखाने की तरफ से आई इस तेज गंध का असर तुरंत आसपास के रिहायशी इलाकों और दुकानों पर भी दिखा। कई दुकानदारों ने तीखी घुटन के चलते अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए और सुरक्षित स्थानों की ओर निकल पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर चल रहे कुछ लोग असहज होकर गिर भी पड़े। इस अचानक आई स्थिति ने स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों की चिंता को तुरंत बढ़ा दिया, क्योंकि कारखाने के आसपास बड़ी आबादी निवास करती है।

बेगूसराय के हर्ल कारखाने के पास तेज गंध से स्कूल में बच्चे और शिक्षक बेहाल, गैस रिसाव पर प्रबंधन का इनकार

स्कूल परिसर में मची अफरा-तफरी और बिगड़ी तबीयत

कारखाने के पास स्थित यूएमएस तेलशोधक कॉलोनी स्कूल में भी इस गैस जैसी तीखी गंध का असर साफ महसूस किया गया। स्कूल खुलने के कुछ ही देर बाद कक्षाओं और खेल मैदान में भारी जलन और घुटन होने लगी। प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे के बाद अचानक पूरे परिसर में अजीब सी घुटन फैल गई जिससे बच्चे और शिक्षक घबरा गए। स्थिति यह रही कि बच्चों को नाक पर कपड़ा रखकर किसी तरह समय बिताना पड़ा। इस घटना के दौरान स्कूल की शिक्षिका कुमारी उमा भारती के करीब दो घंटे तक बेहोश रहने की बात सामने आई। वहीं, आरुषि, पियूष और आदित्य समेत कई अन्य बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल बरौनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया। प्रधानाध्यापक ने यह भी आरोप लगाया कि इस संकट के वक्त हर्ल प्रबंधन या स्थानीय प्रशासन की तरफ से तुरंत कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।

बेगूसराय के हर्ल कारखाने के पास तेज गंध से स्कूल में बच्चे और शिक्षक बेहाल, गैस रिसाव पर प्रबंधन का इनकार

प्रबंधन का स्पष्टीकरण और जांच की मांग

घटना के बाद से स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता रामकृष्ण ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी से मामले की गंभीरता से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी जहरीली गैस का रिसाव हुआ है, तो यह घनी आबादी वाले क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है। लोगों ने कारखाने की सुरक्षा प्रणालियों की तत्काल समीक्षा की मांग उठाई है। दूसरी ओर, हर्ल प्रबंधन ने अमोनिया गैस रिसाव के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रबंधन के आधिकारिक पक्ष के अनुसार प्लांट फिलहाल अपनी स्टार्टअप प्रक्रिया में है और इस दौरान फ्लेयर जलने से हल्की सी दुर्गंध उत्पन्न होना संभव है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के जहरीले गैस रिसाव की घटना नहीं हुई है और इस संबंध में फैल रही बातें बेबुनियाद हैं। फिलहाल स्थानीय लोगों के दावों और प्रबंधन के बयानों में विरोधाभास बना हुआ है, जिससे स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासनिक जांच को अहम माना जा रहा है।

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