दरभंगा (खबर डोज़ ब्यूरो)। उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डीएमसीएच (DMCH) के सर्जिकल भवन के भीतर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में अस्पताल के भीतर ही बैठकर कुछ स्वास्थ्यकर्मी कथित तौर पर शराब का सेवन करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे मरीजों और आम नागरिकों के बीच नाराजगी का माहौल है। इस घटना ने अस्पताल परिसरों की सुरक्षा और वहां तैनात कर्मियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि तीन महिला सफाईकर्मी और एक युवक, जो कि ट्रॉली कर्मी बताया जा रहा है, अस्पताल के परिसर के अंदर बैठे हैं। वीडियो बनाने के दौरान वे टेट्रा पैक से शराब निकालकर उसे स्प्राइट की बोतल में मिलाते और उसका सेवन करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद अस्पताल परिसर और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि आखिर सरकारी चिकित्सा संस्थान के भीतर इस तरह की गतिविधियां कैसे बेखौफ संचालित हो रही थीं।
प्रशासन ने लिया संज्ञान और दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा हरकत में आ गया है। दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने इस पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से बेता थाना प्रभारी को वायरल वीडियो की गहराई से जांच करने और तथ्यों का पता लगाने का निर्देश दिया है। पुलिस अब वीडियो के आधार पर तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो कब और किस समय रिकॉर्ड किया गया था।
- एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने बेता थाना प्रभारी को सौंपी जांच की जिम्मेदारी।
- वीडियो में दिख रहे कर्मियों की पहचान करने के लिए पुलिस जुटा रही है साक्ष्य।
- वायरल क्लिप के निर्माण की तारीख और समय का लगाया जा रहा है पता।
अस्पताल अधीक्षक ने कही सख्त कार्रवाई की बात
दूसरी ओर, अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि प्रशासन इस तरह की अनुशासनहीनता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने मीडिया को बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की सबसे पहले प्रामाणिक जांच कराई जाएगी। इसके बाद वीडियो में दिखाई दे रहे सभी संबंधित कर्मियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। पहचान पुख्ता होने के बाद अस्पताल प्रशासन और नियमों के तहत दोषियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की संयुक्त जांच के बाद ही वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई और इसमें शामिल चेहरों के नाम आधिकारिक तौर पर सामने आ सकेंगे।





