Breaking
Education

UDISE+ रिपोर्ट का खुलासा: दो साल में सरकारी स्कूलों से घटे 86 लाख छात्र, प्राइवेट स्कूलों में बढ़ा रुझान

| Published: | Updated:
UDISE+ रिपोर्ट का खुलासा: दो साल में सरकारी स्कूलों से घटे 86 लाख छात्र, प्राइवेट स्कूलों में बढ़ा रुझान
Share:

मुख्य बातें

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नई UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट जारी कर दी है, जिसमें देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम आंकड़े सामने आए हैं।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो वर्षों में सरकारी स्कूलों से करीब 86 लाख छात्र कम हुए हैं, जबकि निजी स्कूलों की ओर अभिभावकों का रुझान तेजी से बढ़ा है।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस यानी UDISE+ रिपोर्ट पूरे देश के स्कूलों से नामांकन, शिक्षकों की संख्या, स्कूलों की बुनियादी स्थिति और पढ़ाई से जुड़े अन्य पहलुओं के आंकड़े जुटाती है।
  • ताजा आंकड़ों के मुताबिक शिक्षा जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नई UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट जारी कर दी है, जिसमें देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम आंकड़े सामने आए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो वर्षों में सरकारी स्कूलों से करीब 86 लाख छात्र कम हुए हैं, जबकि निजी स्कूलों की ओर अभिभावकों का रुझान तेजी से बढ़ा है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस यानी UDISE+ रिपोर्ट पूरे देश के स्कूलों से नामांकन, शिक्षकों की संख्या, स्कूलों की बुनियादी स्थिति और पढ़ाई से जुड़े अन्य पहलुओं के आंकड़े जुटाती है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक शिक्षा जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

UDISE+ रिपोर्ट का खुलासा: दो साल में सरकारी स्कूलों से घटे 86 लाख छात्र, प्राइवेट स्कूलों में बढ़ा रुझान

सरकारी और निजी स्कूलों के नामांकन में अंतर

रिपोर्ट के अनुसार साल 2023-24 से लेकर 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दो साल पहले सरकारी स्कूलों में लगभग 12 करोड़ 75 लाख छात्र अध्ययनरत थे, जो अब घटकर 11 करोड़ 89 लाख रह गए हैं। इसके विपरीत, निजी यानी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों में पिछले दो वर्षों में 88 लाख से ज्यादा नए छात्रों के दाखिले हुए हैं और इनकी कुल संख्या बढ़कर लगभग 9 करोड़ 89 लाख तक पहुंच गई है।

UDISE+ रिपोर्ट का खुलासा: दो साल में सरकारी स्कूलों से घटे 86 लाख छात्र, प्राइवेट स्कूलों में बढ़ा रुझान

बिहार और अन्य राज्यों की स्थिति

बिहार जैसे राज्यों में जहां आज भी 1 करोड़ 66 लाख से अधिक छात्र सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और यह देश में सबसे ज्यादा नामांकन वाले राज्यों में शामिल है, वहां भी सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में कमी आई है। हालांकि राज्य में स्कूलों और शिक्षकों की संख्या में वृद्धि भी दर्ज की गई है। इसके पीछे बेहतर अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई, निजी स्कूलों का तेजी से विस्तार, शहरीकरण और अभिभावकों की बदलती सोच जैसे कारण बताए गए हैं।

UDISE+ रिपोर्ट का खुलासा: दो साल में सरकारी स्कूलों से घटे 86 लाख छात्र, प्राइवेट स्कूलों में बढ़ा रुझान

शिक्षक संख्या में वृद्धि और ड्रॉपआउट दरों में सुधार

रिपोर्ट के कई सकारात्मक पहलू भी सामने आए हैं, जैसे देश में कुल शिक्षकों की संख्या बढ़कर पहली बार 1 करोड़ 2 लाख 73 हजार से अधिक हो गई है। इसका सीधा असर छात्र-शिक्षक अनुपात पर पड़ा है जो पहले औसतन 25 छात्रों पर एक शिक्षक था, वह अब सुधरकर 24 छात्र प्रति शिक्षक हो गया है। इसके अलावा बिना छात्रों वाले स्कूलों की संख्या भी करीब 13 हजार से घटकर 5 हजार 663 रह गई है। प्रारंभिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 2.3 प्रतिशत से घटकर 1.8 प्रतिशत और माध्यमिक स्तर पर 8.2 प्रतिशत से घटकर 7 प्रतिशत पर आ गई है। हालांकि बिहार, झारखंड, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर अभी भी राष्ट्रीय औसत से अधिक बनी हुई है।

UDISE+ रिपोर्ट का खुलासा: दो साल में सरकारी स्कूलों से घटे 86 लाख छात्र, प्राइवेट स्कूलों में बढ़ा रुझान

Recent News

View all

यह भी पढ़ें