
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किसानों को दी बड़ी खुशखबरी, CM सम्राट ने 200 करोड़ की राशि बिहार के किसानों के खाते में भेजी। बिहार के किसानों के खुशी का अब ठिकाना नहीं है। एक तरफ जहां मानसून का इंतजार कर रहे हैं किसान नाराज चल रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ सम्राट सरकार ने किसानों की झोली पैसों से भर दी है। खेतों में लगी फसल की छती के बाद किसान मुआवजे का इंतजार लंबे वक्त से कर रहे थे जिस पर सम्राट सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आपको बता दे कि बिहार के किसानों के अकाउंट में फसल खराब होने की जो राशि होती है वो पैसे सम्राट चौधरी ने भेज दिए हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 जिलों के करीबन 4 लाख किसानों के अकाउंट में 200 करोड़ की अनुदान राशि भेजी है। यह पैसे किसानों के फसल क्षति के बाद मुआवजे के रूप में दिए गए हैं जिसका इंतजार लाखों किसान कई महीनो से कर रहे थे। आपको बता दे, की लोक सेवक आवास में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि जिन किसानों के आवेदन आए हैं उन्हें कृष इनपुट अनुदान की राशि भी दी जाएगी। किसी को बिहार में दिक्कत नहीं होगी , हर एक वर्ग के लिए सम्राट काम करेंगे। डबल इंजन की सरकार को लेकर भी सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया और किसानों से वादा किया की डबल इंजन की सरकार आपके लिए ही काम कर रही है आप निश्चिंत रहिए।

दरअसल हाल ही में प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि योजना की 23वीं किस्त आई थी । नरेंद्र मोदी ने 20 जून को करीबन 9 लाख देश के किसानों के अकाउंट में दो ₹2000 ट्रांसफर किए थे और अब आज बिहार के किसानों को फसल क्षति अनुदान सम्राट चौधरी ने ट्रांसफर किया तो किसानों में डबल खुशी देखने को मिल रही है।
अब अगर आप सोच रहे हैं कि यह नुकसान कब हुआ था? तो देखिए साल 2025-26 के दौरान जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई तेज आंधी बारिश के कारण किसानों को जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई सरकार ने की है । किसानों से सरकार ने वादा किया था कि आप निश्चिंत रहिए चिंतित मत होइए बे मौसम बारिश और ओला गिरने से रवि की फसल को जो नुकसान पहुंचा था उसकी भरपाई सरकार करेगी और अब सरकार अपने वादे पर खड़े उतरते हुए किसानों को मदद कर रही है और जिन किसानों के फसल का नुकसान हुआ था उन्हें ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुआवजे की राशि भेज दी है।

आपको बता दें की योजना के तहत सरकार ने किसानों के लिए न्यूनतम सहायता राशि भी तय की है। जिसके तहत कम से कम हजार रुपए और उसके बाद 2000 और बहू वर्षीय फसलों के लिए ढाई हजार रुपए का अनुदान दिया जाता है। इसकी एक खास बात यह भी है कि चलाए जा रहे इस योजना का लाभ सिर्फ भू स्वामी किसान ही नहीं बल्कि बाकी और किसानों को भी मिलता है,सबको फायदा होता है।






